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सनातन और राष्ट्र को मजबूत करना ही भगवान चित्रगुप्त की संतानों का असली दायित्व: जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज

नोएडा : विशेष संवाददाता : अखिल भारतीय कायस्थ महासभा (ABKM) की एनसीआर क्षेत्रीय बैठक नोएडा में अत्यंत भव्य और गरिमामय माहौल में संपन्न हुई। इस विशाल सम्मेलन में देश के कोने-कोने से आए हजारों लोग उपस्थित रहे। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुप श्रीवास्तव के विशेष आमंत्रण पर सनातन सम्राट जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे। उन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन से उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का नया जोश भर दिया।

अपने संबोधन में स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा कि कायस्थ समाज भगवान चित्रगुप्त जी का वंशज है, जिनका प्राकट्य ब्रह्माजी की संपूर्ण काया से हुआ था। इतिहास गवाह है कि इस समाज ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और हमेशा निष्पक्ष रहकर सर्व समाज के कल्याण के लिए काम किया। स्वामी जी ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि कायस्थ समाज अपनी सुरक्षा, अधिकारों और अपनी ज्ञान-प्रतिभा के बल पर उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त करे। स्वामी विवेकानंद, महर्षि महेश योगी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जैसी महान विभूतियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस समाज ने हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि माना है।

स्वामी जी ने अपने स्वतंत्रता सेनानी परिवार का गौरवमयी इतिहास साझा करते हुए बताया कि उनके दादाजी स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद जी एक महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बलिया में ऐतिहासिक संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि सर्व समाज की थी। आज भी देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ हम सबको एकजुट रहने की जरूरत है।

संबोधन के दौरान स्वामी जी ने अपने अनूठे आध्यात्मिक और मजाकिया अंदाज में कहा कि ऊपर हमारे कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले भगवान चित्रगुप्त जी हैं, इसलिए वहां तो हमारी अपनी सरकार है। हमें डरने की कोई बात नहीं है, बस अच्छे कर्म करते रहिए, समाज सेवा करिए और सनातन धर्म को मजबूत बनाइए। स्वामी जी के इस बयान पर पूरा पंडाल ठहाकों और “भगवान चित्रगुप्त महाराज की जय” के नारों से गूंज उठा।

इस ऐतिहासिक बैठक में देश के कई पूर्व वरिष्ठ अधिकारी, न्यायविद और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। इनमें पूर्व कैबिनेट सचिव और झारखंड के पूर्व राज्यपाल प्रभात कुमार, पूर्व रक्षा सचिव योगेंद्र नारायण, पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त राजीव, एयरपोर्ट अथॉरिटी के पूर्व चेयरमैन आर.के. श्रीवास्तव, यूपी के पूर्व डीजीपी आनंद श्रीवास्तव, पीएमओ की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पूर्व सचिव शिव सहाय, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, लेफ्टिनेंट जनरल संजीव श्रीवास्तव, लेफ्टिनेंट जनरल जे.के. श्रीवास्तव, ब्रिगेडियर अनिल श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति सुधीर सक्सेना, पद्मश्री नलिनी-कमलिनी, महासभा के उपाध्यक्ष राजीव वर्मा और एनसीआर प्रभारी राजीव सिन्हा प्रमुख रूप से शामिल थे।

महासभा के महामंत्री अशोक श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया, जिनकी स्वामी जी ने पिछले 25 वर्षों से अनवरत समाज सेवा करने के लिए विशेष सराहना की। इसके अलावा मनोज सक्सेना, कुश कुमार और अधिवक्ता उज्ज्वल श्रीवास्तव के प्रयासों को भी सराहा गया। अंत में स्वामी चक्रपाणि जी महाराज सनातन धर्म के जयघोष के साथ अपने अगले दौरों के लिए रवाना हुए।

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