महानगर मेट्रो विशेष: सुरक्षा के नाम पर साजिश की बू! क्या भारतीय कुश्ती संघ के साये में खिलाड़ी सुरक्षित हैं?
नई दिल्ली/अहमदाबाद : देश की बेटियाँ जब इंसाफ के लिए सड़क पर उतरती हैं, तो व्यवस्था अक्सर बहरी हो जाती है। लेकिन अब जो खुलासा स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने किया है, उसने खेल जगत से लेकर सत्ता के गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में शामिल होने से पहले अपनी जान को खतरा बताते हुए जो आशंकाएं व्यक्त की हैं, वे किसी ‘खतरनाक साजिश’ की ओर इशारा कर रही हैं।
“खतरे में है मेरी जान: खाने में मिल सकता है जहर”
विनेश फोगाट ने बेहद घातक आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें डर है कि कुश्ती संघ के टूर्नामेंट के दौरान उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा सकता है। उन्होंने खुलकर आशंका जताई कि:
“भारतीय कुश्ती संघ के पदाधिकारियों पर मुझे रत्ती भर भरोसा नहीं है। मुझे डर है कि मेरे ड्रिंक्स या खाने में नशीला पदार्थ या जहर मिलाया जा सकता है ताकि मेरा करियर बर्बाद किया जा सके या मुझे शारीरिक नुकसान पहुँचाया जा सके।”
डॉक्टरों और अधिकारियों पर गहरा संदेह
विनेश ने अपनी आशंकाओं को और विस्तार देते हुए कहा कि टूर्नामेंट के दौरान नियुक्त किए गए डॉक्टर्स और अधिकारी भी उन्हीं लोगों के करीबी हैं जिनके खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोला था। ऐसे में उन्हें डर है कि उनके डोप टेस्ट के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है या उन्हें गलत दवाएं दी जा सकती हैं।
महानगर मेट्रो का कड़ा सवाल: क्या यही है खिलाड़ियों का सम्मान?
एक अंतरराष्ट्रीय चैंपियन, जिसने दुनिया भर में देश का तिरंगा लहराया, अगर आज वह अपने ही देश के खेल संघ से अपनी जान की भीख मांग रही है या जहर दिए जाने का डर जता रही है, तो यह सिस्टम के लिए डूब मरने वाली बात है।
क्या कुश्ती संघ इस गंभीर आरोप के बाद अपनी कार्यप्रणाली बदलेगा? या फिर एक होनहार खिलाड़ी को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ने का यह खेल जारी रहेगा?

