धर्म के नाम पर ‘हनीट्रैप’ का धंधा, वसूली का खेल और फर्जी पत्रकारों की फौज: क्या अपनों ने ही सुपारी ली है जैन धर्म को मिटाने की?
विशेष खोजी रिपोर्ट: महानगर मेट्रो : अहमदाबाद/देश: जैन समाज की जड़ों में मट्ठा डालने वाले ‘विभीषणों’ का समय अब समाप्त हो चुका है। एक तरफ हमारे पूज्य गच्छाधिपति शासन की ध्वजा को विश्व पटल पर लहरा रहे हैं, तो दूसरी तरफ समाज के भीतर छिपे कुछ ‘कीड़े’ इसे अंदर से खोखला करने में जुटे हैं। महानगर मेट्रो आज उस घिनौने सिंडिकेट की धज्जियां उड़ाने जा रहा है, जिसने धर्म को ब्लैकमेलिंग का अड्डा बना दिया है।
जगत पारेख : संघ से धक्के मारकर निकाला गया ‘अपराधी’ अब बना धर्मरक्षक?
खुद को संघ का ‘स्वयंभू’ नेता बताने वाले जगत पारेख का असली चेहरा अब बेनकाब हो चुका है। जिस व्यक्ति को उसकी नीच हरकतों की वजह से जैन संघ ने दूध में से मक्खी की तरह बाहर फेंक दिया था, वह आज संतों के चरित्र पर कीचड़ उछालने की हिम्मत कर रहा है?
याद रहे : यह वही जगत पारेख है जिसे अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सलाखों के पीछे पहुँचाया था।
सवाल : जिसके नाम पर मुकदमों की लंबी फेहरिस्त हो, वो समाज को नैतिकता का पाठ कैसे पढ़ा सकता है?
पापियों का ‘तिगड्डा’: कल्पेश, विक्रम और फर्जी पत्रकार हार्दिक हुडिया
इस षड्यंत्र के पीछे एक पूरा ‘गिरोह’ काम कर रहा है। कल्पेश सिंघवी और विक्रम बाफना जैसे लोग पर्दे के पीछे बैठकर साजिशें बुनते हैं, और इनका मोहरा बनता है हार्दिक हुडिया जैसा कथित पत्रकार। यह कोई पत्रकारिता नहीं, बल्कि पत्रकारिता के नाम पर डकैती है। इनका काम संतों के विरुद्ध फर्जी ‘हनीट्रैप’ के जाल बिछाना और फिर उसे सोशल मीडिया पर फैलाकर समाज को डराना है। इनका मकसद धर्म की रक्षा नहीं, बल्कि उगाही और वर्चस्व की भूख है।
पैसा लेकर धर्म का सौदा: ‘भीतरघात’ की पराकाष्ठा
जैन समाज आज अल्पसंख्यक है, हम संख्या में कम हैं लेकिन हमारी शक्ति हमारी एकता और हमारे संत हैं। इसी शक्ति को तोड़ने के लिए इन ‘पैसों के भूखे’ लोगों ने समाज का सौदा कर लिया है। चंद रुपयों के लिए किसी भी संत को बदनाम करना, फर्जी वीडियो बनाना और गंदी राजनीति करना—यह कृत्य किसी महापाप से कम नहीं है।
“चेतावनी: जो लोग कांच के घरों में बैठकर हमारे गच्छाधिपतियों पर पत्थर फेंक रहे हैं, वे भूल गए हैं कि उनकी कुंडली अब महानगर मेट्रो के पास है। जैन शासन को बदनाम करके अपनी जेबें भरने वालों, तुम्हारी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है!”
अगले अंक में बड़ा धमाका!
महानगर मेट्रो जल्द ही उन ‘सफेदपोशों’ के नामों की लिस्ट भी जारी करेगा, जो इस गिरोह को फंडिंग कर रहे हैं। हम उन रिकॉर्डिंग्स और सबूतों को सार्वजनिक करेंगे जो इन कथित रक्षकों का असली चेहरा जनता के सामने लाएंगे।
मुख्य संदेश:
“धर्म की आड़ में धंधा करने वाले इन भेड़ियों को पहचानें। अगर आज हम चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। जैन एकता जिंदाबाद, जैन शासन अमर रहे!”
संपादक: यह रिपोर्ट पूरी तरह से तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित है। किसी भी प्रकार की गीदड़-भभकी हमें सच लिखने से नहीं रोक सकती।

