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अलीपुरद्वार की रैली में ममता ने पीएम मोदी के चुनावी वादों पर किया तीखा हमला, कहा…..आपने कहा था हर साल दो करोड़ नौकरी देंगे, किसे मिली नौकरी, क्या हुआ उस वादे का

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी 23 व 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी उत्तर बंगाल में चुनाव प्रचार करते हुए, समाज के हर तबके के लोगों, चाय बागान के मजदूरों से लेकर सरकारी कर्मचारियों तक का दिल जीतने की पुरजोर कोशिश की। गुरुवार को अलीपुरद्वार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए रोजगार के वादों को लेकर उन पर तीखा पलटवार किया। इसके साथ ही, उन्होंने चाय बागानों को फिर से खोलने, एनआरसी और केंद्र सरकार द्वारा कथित उपेक्षा से जुड़े मुद्दों पर बीजेपी को आड़े हाथों लिया।

रोजगार सृजन को लेकर बीजेपी के दावों का जवाब देते हुए ममता ने कहा, वे दावा करते हैं कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार के दौरान कोई रोजगार पैदा नहीं हुआ है। मै पीएम मोदी से सवाल करती हूं आपने भी तो वादा किया था कि प्रत्येक वर्ष 2 करोड़ नौकरियां देंगे, अबतक किन लोगों को वह नौकरी मिली। आपके वादे के मुताबिक वह रोजगार कहाँ गए? चुनावों से पहले, आपने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, उस हिसाब से, पिछले 12 सालों में 24 करोड़ रोजगार पैदा होने चाहिए थे! फिर भी, आज रेलवे में काम करने के लिए पर्याप्त ‘गैंगमैन’ भी उपलब्ध नहीं हैं।

प्रधानमंत्री के पद का उचित सम्मान करने की सलाह देते हुए उन्होंने आगे कहा, हमने 7वां वेतन आयोग इसी साल फरवरी में ही लागू कर दिया था। कोई भी बयान देने से पहले, प्रधानमंत्री की कुर्सी का सम्मान करें। झूठ बोलने से पहले अपने तथ्यों की ठीक से जांच कर लें।
अलीपुरद्वार के चाय बागानों का ज़िक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने श्रोताओं को याद दिलाया कि हालांकि मोदी जी ने बंद पड़ी चाय बागानों को फिर से खोलने का वादा किया था, लेकिन वे अपना वादा पूरा करने में नाकाम रहे। असल में, यह तृणमूल सरकार ही है जिसने बंद पड़े बागानों को फिर से खोला। सरकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ पेंशन प्रणाली अभी भी लागू है। कर्मचारियों को न केवल 25 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) मिलता है, बल्कि उन्हें छुट्टियों के उदार लाभ और हर पाँच साल में एक बार विदेश यात्रा का अवसर भी मिलता है।

असम से आ रहे एनआरसी नोटिसों के खिलाफ आवाज उठाते हुए ममता ने आरोप लगाया कि परिसीमन की आड़ में पश्चिम बंगाल को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, महिलाओं में आत्म-सम्मान होता है। उन्हें इस तरह ब्लैकमेल नहीं किया जा सकता। जहाँ तक मेरी पार्टी की बात है, उसमें तो पहले से ही महिलाओं का 37 प्रतिशत प्रतिनिधित्व है। इन दिनों भाजपा नेताओं द्वारा विभिन्न होटल के कमरों से पैसे बांटने के लिए बाहर से लोगों को बुलाने की प्रथा की ममता ने कड़ी निंदा की। उन्होंने अंत में साफ स्पष्ट कर दिया कि इस बार भी भारी मतों से तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के रास्ते में आगे बढ़ रही है।

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