सुरेंद्रनगर। गुजरात में आगामी 26 अप्रैल को होने वाले स्थानीय स्वराज्य के चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। तीनों प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस चुनावी गहमागहमी के बीच सबसे ज्यादा चर्चा सुरेंद्रनगर के चर्चित किसान नेता राजू करपड़ा की हो रही है, जो हाल ही में 9 अप्रैल को भाजपा में शामिल हुए थे। उनके चुनावी हलफनामे ने सबकी आंखें चौंधिया दी हैं।
हलफनामे के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साढ़े तीन वर्षों में राजू करपड़ा की संपत्ति में जबरदस्त उछाल आया है। साल 2021 के आसपास उनकी कुल संपत्ति लगभग 61 लाख रुपये आंकी गई थी, जो अब बढ़कर 3.12 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यानी महज कुछ ही सालों में उनकी संपत्ति 5 गुना बढ़ गई है।
इस छोटी सी अवधि में करपड़ा ने 21 तोला सोना और करीब 40 बीघा कृषि भूमि की खरीदारी की है। इतना ही नहीं, उनके काफिले में 20 लाख रुपये की आलीशान इनोवा क्रिस्टा गाड़ी भी शामिल हुई है। एक किसान नेता के रूप में पहचान रखने वाले नेता की संपत्ति में हुए इस बेतहाशा इजाफे ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा और विवाद दोनों को जन्म दे दिया है। विपक्ष अब सवाल उठा रहा है कि साढ़े तीन साल में ऐसी कौन सी फसल उगी जिससे संपत्ति करोड़ों में पहुंच गई? अब देखना यह है कि सुरेंद्रनगर की जनता इस ‘समृद्धि’ को किस नजरिए से देखती है।

