आर्मी ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार वतन लौटने पर भव्य रैली से हुआ स्वागत
बोडेली। मूल रूप से कोसींद्रा गांव के निवासी और वर्तमान में बोडेली की शांतानगर सोसायटी में रहने वाले मीत परमार ने भारतीय सेना में शामिल होकर अपने परिवार के साथ-साथ पूरे बोडेली क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मीत के पिता विष्णुभाई लोगों के कपड़ों पर इस्त्री कर परिवार का गुजारा चलाते हैं, जबकि उनकी माता ज्योत्सनाबेन सिलाई का काम करती हैं। साधारण परिवार से आने वाले मीत ने देशसेवा को अपना लक्ष्य बनाते हुए सेना में शामिल होने का सपना पूरा किया।
मीत परमार ने बोडेली की शिरोलावाला हाईस्कूल तथा सफायर पब्लिक स्कूल से कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे बी.टेक की पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ाई के साथ-साथ उनके मन में देश की सेवा करने का जज्बा था और उन्होंने देशसेवा को अपनी प्राथमिकता दी।
मीत परमार हैदराबाद में आठ महीने की कठिन आर्मी ट्रेनिंग के लिए गए थे। कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब वे पहली बार अपने वतन लौटे तो परिवारजनों, मित्रों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
मीत के स्वागत के लिए बोडेली के विश्राम गृह से गोपेश्वर मंदिर तक भव्य स्वागत रैली का आयोजन किया गया। रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मित्र और परिवारजन शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर तथा ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ रैली बोडेली के मुख्य मार्गों से गुजरी। इस दौरान पूरे बोडेली में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
मीत के सेना में शामिल होने पर परिवारजनों में गर्व और खुशी की भावना देखने को मिली। साधारण परिवार से निकलकर भारतीय सेना में शामिल हुए मीत परमार ने अपने माता-पिता के साथ पूरे बोडेली क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
परिवारजनों एवं ग्रामीणों ने मीत परमार को देशसेवा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पत्रकार : रफाकत खत्री

