नई दिल्ली/गांधीनगर (स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव): देश के लाखों रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। देश के करीब 10 लाख पेंशनर्स को रिप्रेजेंट करने वाली ‘भारत पेंशनर्स सोसाइटी’ (BPS) ने 8वें सेंट्रल पे कमीशन के सामने 15 ज़रूरी और बड़ी मांगें रखी हैं। मौजूदा महंगाई और महंगाई को ध्यान में रखते हुए पेंशनर्स के हित में मिनिमम पेंशन और दूसरे अलाउंस बढ़ाने का मज़बूत प्रस्ताव रखा गया है।
भारत पेंशनर्स सोसाइटी की मुख्य और अहम मांगें:
45,000 रुपये मिनिमम पेंशन: अभी जो मिनिमम पेंशन 9,000 रुपये है, उसे सीधे बढ़ाकर 45,000 रुपये प्रति महीना (5 गुना बढ़ोतरी) करने की मांग की गई है।
आखिरी बेसिक पे का 67% पेंशन: पेंशनर को मिलने वाली मिनिमम पेंशन रिटायरमेंट के समय आखिरी बेसिक पे का 50% के बजाय 67% होनी चाहिए और फैमिली पेंशन 50% होनी चाहिए।
फिटमेंट फैक्टर 3.83 और Rs. 69,000 बेसिक पे: कर्मचारियों के लिए 3.83 का नया फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की गई है, ताकि मिनिमम बेसिक पे Rs. 18,000 से Rs. 69,000 हो सके।
हर 5 साल में सैलरी-पेंशन में बदलाव: सैलरी और पेंशन का रिव्यू हर 10 साल और हर 5 साल में होना चाहिए।
DA/DR में तिमाही आधार पर बढ़ोतरी: महंगाई भत्ता (DA/DR) हर 6 महीने के बजाय हर 3 महीने (तिमाही) में देने का प्रावधान करें।
हेल्थ और कम्यूटेड पेंशन में राहत
11 साल के अंदर कम्यूटेड पेंशन की बहाली: अभी कम्यूटेड पेंशन 15 साल के लिए बहाल होती है, इसे घटाकर 11 साल करने या 71 साल की उम्र में पूरी पेंशन देने का प्रस्ताव है।
₹5,000 कैशलेस हेल्थ सपोर्ट: ग्रामीण और नॉन-CGHS इलाकों में रहने वाले पेंशनर्स के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा और 5,000 रुपये का फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) देने की मांग है।
65 साल से ज़्यादा पेंशन: 80 साल की जगह 65 साल की उम्र से स्लैब के हिसाब से एक्स्ट्रा पेंशन देने का प्रोविज़न करने का सुझाव दिया गया है।
जनता और पेंशनर्स की उम्मीदें
अट्ठाईस साल देश की सेवा कर चुके रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए ये मांगें बहुत सही मानी जा रही हैं। अगर यूनियन कैबिनेट और 8वां पे कमीशन इन सिफारिशों को मान लेता है, तो देश के लाखों पेंशनर परिवारों को बड़ी और मज़बूत फाइनेंशियल राहत मिलेगी।

