गाय की रक्षा और सनातन धर्म के सम्मान के लिए हिंदू संगठन और साधु-संत-धार्मिक नेता सड़कों पर उतर आए हैं। धार्मिक नेताओं की अगुवाई में निकाली गई एक बड़ी रैली में बड़ी संख्या में युवा और बुजुर्ग लोग और कार्यकर्ता शामिल हुए और पूरा माहौल ‘जय गौ माता’ के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को एक अर्जी भेजी है और सरकार से गाय को तुरंत ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने और गोहत्या को रोकने के लिए पूरे देश में बेहद सख्त कानून बनाने की जोरदार मांग की है।
गाय माता के लिए आर-पार की लड़ाई: दिल्ली में भूख हड़ताल और हिंसक आंदोलन की धमकी
अर्जी देने पहुंचे हिंदू संगठनों के नेताओं और धार्मिक नेताओं ने सरकार और प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि अगर उनकी वाजिब और धार्मिक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो वे चुप नहीं बैठेंगे। दिल्ली तक गूंजेगी आवाज़: अगर मांगें तुरंत नहीं मानी गईं, तो आंदोलनकारी देश की राजधानी दिल्ली में आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
हिंसक आंदोलन को हवा: अगर गोहत्या रोकने के लिए तुरंत और सही कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में पूरे देश में आंदोलन बहुत उग्र और भयानक रूप ले लेगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी।
अब देखना यह है कि हिंदू संगठनों और धार्मिक नेताओं के इस गुस्से और चक्रव्यूह जैसे आंदोलन के खिलाफ सरकार कब कोई सख्त फैसला लेगी और गाय माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देगी!

