वेलावदर (तखुभाई सांडसूर द्वारा) भावनगर डिवीज़न में ही नहीं, शायद पूरे सौराष्ट्र में, जूनागढ़-वेरावल-देलवाड़ा इकलौती मीटर गेज ट्रेन चल रही है। यह ट्रेन, यानी इसे हेरिटेज ट्रेन का नाम दिया जाना चाहिए, न सिर्फ़ कहीं की मीटर गेज ट्रेन है, बल्कि गिर के जंगल से गुज़रने वाली यह ट्रेन भी इकलौती है। इसमें सफ़र का मज़ा लेना भी एक हेरिटेज इवेंट बन जाता है।
पु. मोरारी बापू 2 अगस्त की सुबह ज्योतिर्लिंग पू सोमनाथ भगवान के दर्शन करने जा रहे थे। बापू ने अचानक सोचा कि हमें बगसरा से सोमनाथ जाते समय विसावदर और तलाला के बीच से गुज़रने वाली मीटर गेज ट्रेन में बैठकर गिर के जंगल के नज़ारों को कैप्चर करना चाहिए।
बापू और उनके फ्लावर्स रविवार सुबह 9:00 बजे विसावदर स्टेशन पहुँचते हैं और सुबह 9:15 बजे आने वाली जूनागढ़ देलवाड़ा ट्रेन से तलाला के लिए अपना सफ़र शुरू करते हैं। गिर के जंगल से गुज़रने वाली इस ट्रेन का सफ़र मज़ेदार है। लेकिन जूनागढ़ से विसावदर स्टेशन पर फुलवड़ी और भजिया का स्वाद चखने के लिए भी लोग आते हैं। हालांकि बापू के पास इसका स्वाद लेने का समय नहीं था, लेकिन सभी को इसका अनुभव करना चाहिए। अमरेली स्टेशन को ब्रॉड गेज में बदलने के काम की वजह से यह स्टेशन बंद कर दिया गया है। इसलिए अमरेली – वेरावल अमरेली – जूनागढ़ जैसी ट्रेनें बंद हैं। वेरावल ट्रेन जूनागढ़ से चल रही है। बापू तलाला स्टेशन पर उतरे और जमीनी मार्गंसे सोमनाथ के लिए निकल गए।

