गांधीनगर : राज्य में हाल ही में हुई भारी से बहुत भारी बारिश की वजह से कई इलाकों में वॉटर-बॉम्बिंग की स्थिति बन गई थी। इस प्राकृतिक आपदा में बाढ़ की वजह से कई परिवारों के घरों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई की किताबें, टेक्स्टबुक्स और स्टेशनरी भी बर्बाद हो गई। इस मुश्किल हालात में, स्टेट स्कूल टेक्स्टबुक बोर्ड ने स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान न हो और उन पर कोई फाइनेंशियल बोझ न पड़े, यह पक्का करने के लिए बहुत ही सराहनीय और सेंसिटिव फैसला लिया है।
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि भारी बारिश से प्रभावित सभी स्टूडेंट्स को नई टेक्स्टबुक्स पूरी तरह से फ्री में दी जाएंगी!
स्टूडेंट्स के भविष्य को लेकर चिंतित सरकार: समय पर लिया गया सबसे अच्छा फैसला
भारी बारिश की वजह से, खासकर ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में, एजुकेशन डिपार्टमेंट और टेक्स्टबुक बोर्ड तुरंत एक्शन मोड में आ गए हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई रुके नहीं।
बिना पढ़ाई बर्बाद किए तुरंत मदद: जिन स्टूडेंट्स की किताबें बाढ़ में भीग गई हैं या फट गई हैं, उन्हें स्कूल की तरफ से तुरंत नई टेक्स्टबुक्स का एक सेट दिया जाएगा।
पेरेंट्स के लिए बड़ी राहत: बोर्ड का यह फैसला एक तरह से वरदान साबित होगा क्योंकि इससे उन पेरेंट्स पर नई किताबें खरीदने का एक्स्ट्रा बोझ नहीं पड़ेगा जो इस प्राकृतिक आपदा से आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं।
जनता का स्वागत: पेरेंट्स इस संवेदनशील फैसले की तारीफ कर रहे हैं
राज्य भर के पेरेंट्स और टीचर्स स्टेट स्कूल टेक्स्टबुक बोर्ड के इस इंसानियत भरे फैसले की तारीफ कर रहे हैं। भारी बारिश की मुश्किलों के बीच, इस फैसले से प्रभावित बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।
लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और स्कूलों को भी प्रभावित बच्चों की लिस्ट बनाने और उन्हें जल्द से जल्द नई टेक्स्टबुक्स पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। टेक्स्टबुक बोर्ड का यह कदम साबित करता है कि आपदा के समय में सरकार शिक्षा और स्टूडेंट्स के भविष्य को लेकर कितनी सीरियस और कमिटेड है!

