लोदी कॉलोनी थाने में छात्रों की जानकारी लेने पहुंचे वकीलों के साथ हुई हाथापाई के बाद आरोपी पुलिस अधिकारी को ‘लाइनहाजिर’ कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
नई दिल्ली: लोदी कॉलोनी थाने में आधी रात वकीलों और पुलिस के बीच हुआ टकराव शुक्रवार को अहम मोड़ पर पहुंच गया। इस विवाद में शामिल पुलिस अधिकारी को ‘लाइनहाजिर’ कर दिया गया, जबकि साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। साथ ही थाना प्रभारी (SHO) और संबंधित अधिकारी ने वकीलों से बिना शर्त माफी मांगकर मामले को शांत करने की कोशिश की।
क्या था पूरा मामला
आपको बता दें कि यह विवाद 23 जुलाई की रात 2 से 3 बजे के बीच उस समय शुरू हुआ, जब कई वकील हालिया CJP विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए छात्रों के बारे में जानकारी लेने लोदी कॉलोनी थाने पहुंचे। वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने पहले हिरासत में लिए गए छात्रों के थाने में मौजूद होने से इनकार किया। हालांकि बाद में में उन्हें पता चला कि छात्र थाने के अंदर ही हैं। इसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई।
वकीलों ने लगाए पुलिस पर क्या आरोप
वकीलों का आरोप है कि बहस के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने से बाहर निकालने का प्रयास किया, जिससे धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। इस पूरे घटनाक्रम का विडियो भी रिकॉर्ड किया गया। इसी दौरान सादे कपड़ों में मौजूद एक वकील भी पुलिस की कार्रवाई की चपेट में आ गए। मामला बढ़ने पर डीसीपी साउथ डिस्ट्रिक्ट अनंत मित्तल ने शुक्रवार को संबंधित अधिकारी को लाइनहाजिर किए जाने की पुष्टि की हिरासत में लिए गए छात्रों के बारे में जानकारी लेने थाने पहुंचे थे वकील और विभागीय जांच के आदेश भी दिए।ॉ
दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने वकीलों से मांगी माफी
तनाव कम करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के वाइस प्रेजिडेंट और सीनियर एडवोकेट सचिन पुरी की मौजूदगी में पुलिस और बार प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। इस दौरान SHO और संबंधित अधिकारी ने घटना पर खेद जताते हुए वकीलों से बिना शर्त माफी मांगी। इसके बाद दोनों पक्षों ने विवाद को खत्म करने पर सहमति जताई। साकेत बार असोसिएशन के सेक्रेटरी एडवोकेट अनिल बसोया ने कहा कि वकीलों की गरिमा और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। डीसीपी अनंत मित्तल ने कहा कि बातचीत के बाद मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है।

