मध्यप्रदेश के नीमच जिले में मिलावटी दूध की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मनासा, रामपुरा और नीमच की डेयरियों पर छापामार कार्रवाई की है। रामपुरा के बिना लाइसेंस चल रहे मिल्क प्लांट को बंद कराकर कुल 10 सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं।
नीमच: जिले में मिलावटी और सिंथेटिक दूध की बिक्री रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने विशेष जांच अभियान शुरू किया। इस तहत टीम ने मनासा, रामपुरा और नीमच तहसील क्षेत्र की चार बड़ी दूध डेयरियों और चिलिंग प्लांटों (बीएमसी) पर अचानक दबिश दी। कार्रवाई के दौरान रामपुरा के दुधलाई में बिना लाइसेंस चल रहे एक मिल्क प्लांट पर काम बंद करा दिया गया है। टीम ने अलग-अलग स्थानों से दूध, मावा, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों के कुल 10 सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया।
बिना लाइसेंस चल रहे प्लांट पर मिला 4 हजार लीटर दूध
खाद्य सुरक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रामपुरा तहसील के दुधलाई गांव स्थित श्री सांवरिया मिल्क प्लांट पर जांच के दौरान 5 हजार लीटर क्षमता वाले बीएमसी टैंक में करीब 4000 लीटर दूध मिला। जब टीम ने संचालक कमलेश कुमार जाट से खाद्य लाइसेंस मांगा, तो वे वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। बिना लाइसेंस कारोबार करने पर टीम ने प्लांट में दूध के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी। साथ ही संचालक को धारा 32 के तहत नोटिस दिया गया है।
यहां-यहां भी हुई जांच और सैंपल की कार्रवाई
मनासा तहसील के ग्राम राजपुरा स्थित नवीन दूध डेयरी पर 1000 लीटर दूध मिला। चलित प्रयोगशाला से शुरुआती जांच में मिलावट का संदेह होने पर दूध का सैंपल लिया गया। संचालक नवीनसिंह मेडिकल फिटनेस और ट्रेनिंग सर्टिफिकेट नहीं दिखा पाए, जिस पर उन्हें नोटिस दिया गया। वहीं गांव बरडिया बनड़ा स्थित श्री कृष्णा दूध डेयरी पर जांच के दौरान 1100 लीटर दूध के अलावा मावा, पनीर, दही, घी, लस्सी और छाछ का स्टॉक मिला। टीम ने यहां से सभी सात उत्पादों के सैंपल लिए। संचालक प्रहलाद धनगर को दस्तावेज नहीं होने पर नोटिस थमाया गया। इसी तरह खेतपाल्या औद्योगिक क्षेत्र में श्री बालाजी फ्रेश दुग्ध डेयरी पर 1500 लीटर दूध मिला। यहां से भी गुणवत्ता जांच के लिए दूध का सैंपल लिया गया और संचालक को सुधार का नोटिस जारी किया गया।
अब रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी और यशवंत कुमार शर्मा की टीम ने बताया कि भोपाल लैब से सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी डेयरी संचालकों को तय मानकों के हिसाब से ही व्यवसाय करने की हिदायत दी है।

