मध्य प्रदेश के रीवा जिले की त्यौथर तहसील के अमाव गांव में लगातार दो दिनों की मूसलाधार बारिश के कारण राजभान तिवारी का मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
रीवा में मूसलाधार बारिश के बाद ढहा आशियाना
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। बारिश के इस कहर ने त्यौंथर तहसील के अमाव गांव में एक परिवार का आशियाना उजाड़ दिया। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते राजभान तिवारी का कच्चा-पक्का मकान अचानक भरभराकर ढह गया। गनीमत यह रही कि हादसे से ठीक पहले परिवार के सदस्य सूझबूझ दिखाते हुए घर से बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी की जान नहीं गई।
हालांकि, इस दर्दनाक हादसे में मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और घर के अंदर रखा सारा घरेलू सामान, राशन और जरूरत की चीजें मलबे के नीचे दब गई हैं। मकान गिरने के बाद अब इस परिवार के सामने सबसे बड़ा संकट सिर छिपाने की जगह का बन गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच बेघर हुए इस परिवार के पास अब रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है, जिससे उन्हें खुले आसमान के नीचे या रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रशासन से मुआवजे और तत्काल मदद की गुहार
घटना के बाद पीड़ित राजभान तिवारी और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण कई अन्य कच्चे मकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से नियमानुसार आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत त्वरित मकान दिलाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने अपील की है कि बारिश के इस मौसम में प्रशासन सर्वे टीम भेजकर सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत और तिरपाल आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराए।
बारिश के मौसम में बढ़ाई चिंताएं
रीवा अंचल में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर कमजोर मकानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पीड़ित परिवार टकटकी लगाए प्रशासन की ओर देख रहा है कि उन्हें कब तक उचित मुआवजा और राहत राशि मिल पाती है ताकि वे इस मुसीबत के दौर से उबर सकें।

