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जंतर-मंतर की तरह भोपाल में इकट्ठे हुए GenZ, नारों और MEMES से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, व्यापम का दर्द छलका

भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर शुक्रवार को एक हजार से ज्यादा छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर अनूठा प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने मीम्स और गानों के जरिए विरोध दर्ज कराया।

जंतर-मंतर की तरह भोपाल में इकट्ठे हुए GenZ

भोपाल: शुक्रवार को भोपाल का बोर्ड ऑफिस चौराहा अचानक एक बड़े आंदोलन का केंद्र बन गया। कोचिंग हब और हॉस्टल्स के बीच स्थित इस इलाके में एक हजार से ज्यादा छात्र, अभिभावक और आम नागरिक सड़क पर उतर आए। हाथ में मीम्स वाले पोस्टर, जुबान पर सरकार से जवाबदेही की मांग और GenZ का अनोखा अंदाज। यह नजारा भोपाल में चल रहे छात्र आंदोलन का था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना है।

इस प्रोटेस्ट की सबसे खास बात यह रही कि छात्रों ने सड़क पर कोई जाम नहीं लगने दिया। खुद ही ट्रैफिक वालंटियर बनकर युवाओं ने इंसानी जंजीर बनाई ताकि आम जनता को परेशानी न हो। हाथ में तख्तियां लिए युवाओं ने ‘सारे जहां से अच्छा’ गाकर और ‘Grand Theft Democracy’ जैसे मीम्स के जरिए सिस्टम पर तीखे तंज कसे।

मीम्स, एनिमेशन और नारों के बीच दिखा युवाओं का आक्रोश

प्रोटेस्ट में शामिल होने पहुंचे युवाओं का जोश देखने लायक था। कोई कॉलेज की क्लास छोड़कर पहुंचा था तो कोई अपने फेवरेट एनिमी कैरेक्टर ‘लफी’ की ड्रेस पहनकर उतरा था। 19 साल के छात्र राज ने कहा कि जैसे लफी अन्याय के खिलाफ लड़ता है, वैसे ही हमारी लड़ाई NTA और इस सिस्टम के खिलाफ है।
मैं दिल्ली नहीं जा सका क्योंकि मेरी कॉलेज की क्लासेस थीं, लेकिन मुझे खुशी है कि भोपाल में मुझे अपनी बात रखने और इस टूटे हुए शिक्षा सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने की जगह मिली। ऋधिका, 18 साल की कॉलेज छात्रा

व्यापम घोटाले का दर्द आया सामने

इस आंदोलन में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि अभिभावक भी शामिल हुए। अपनी 7 साल की बेटी को गोद में लेकर पहुंचे अखिलेश शिंदे ने बताया कि वे खुद व्यापम घोटाले का शिकार रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी परीक्षा को क्रैक करने के लिए जान लगा देते हैं, ऐसे में सिस्टम की कम से कम जिम्मेदारी यह बनती है कि वह पूरी तरह फेयर और अकाउंटेबल हो।

बोर्ड ऑफिस चौराहे पर हुए इस प्रदर्शन में एक हजार से ज्यादा छात्र और स्थानीय लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क को जाम न करते हुए अनुशासन का परिचय दिया और ट्रैफिक को सुचारू रखा।
प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों ने पानी और बिस्कुट बांटे तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं।
आयोजक आकाश भारद्वाज ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन अगले कुछ दिनों तक शाम 4 बजे इसी जगह जारी रहेगा।

पुलिस रही मुस्तैद, रात साढ़े नौ बजे तक चला हंगामा

शुरुआत में पुलिस बल सड़क के उस पार तैनात था, लेकिन शाम ढलते ही भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मी मेट्रो पिलर्स के पास आ गए। एसीपी उमेश तिवारी ने कहा कि जब तक कोई अप्रिय घटना नहीं होती, पुलिस सिर्फ सुरक्षा और निगरानी के लिए मौजूद है। रात करीब 9:30 बजे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच किसी बड़े विवाद की खबर सामने नहीं आई। आयोजकों ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

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