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वडोदरा के गोत्री में नई PM इलेक्ट्रिक बस सड़क पर खराब: स्मार्ट सिटी के ‘डेवलपमेंट’ के ‘अंडरग्राउंड’ राज की पोल खुल गई!

गायत्री स्कूल के पास एक चौंकाने वाली घटना हुई, नगर निगम के कॉन्ट्रैक्टर की बड़ी लापरवाही के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा चरम पर!

वडोदरा: सांस्कृतिक शहर वडोदरा में, मॉनसून की सामान्य बारिश ने नगर निगम प्रशासन और भ्रष्टाचार की कड़वी सच्चाई को सामने ला दिया है। वडोदरा के गोत्री इलाके में गायत्री स्कूल के पास एक बहुत ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ केंद्र सरकार की योजना के तहत आई एक बिल्कुल नई PM इलेक्ट्रिक बस अचानक सड़क पर फंस गई और ज़मीन पर खराब हो गई।

जैसे ही यह घटना हुई, आसपास के इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई और ट्रैफिक पूरी तरह से बाधित हो गया।

‘स्मार्ट सिटी’ में स्मार्ट भ्रष्टाचार?: सड़कों की क्वालिटी पर गंभीर सवाल

बारिश शुरू होते ही वडोदरा की सड़कें लगातार बह रही हैं और कीचड़ से भर गई हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कें पानी के कुछ ही छींटों में बह गईं, जो सीधे तौर पर नगर पालिका और ठेकेदारों की मिलीभगत की ओर इशारा करती हैं।

ठेकेदार की लापरवाही: गोत्री गायत्री स्कूल जैसे व्यस्त इलाके में नवीनकोर इलेक्ट्रिक बस का सड़क पर फंसना साफ दिखाता है कि सड़क बनाने में आटा, पानी और लकड़ी जैसा घटिया काम किया गया है।

ट्रैफिक जाम और स्थानीय लोगों की परेशानी: बस के फंसने से पूरे गोत्री इलाके में ट्रैफिक पर असर पड़ा। स्थानीय लोगों को घंटों भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।

लोगों का गुस्सा: “विकास के खोखले दावे बंद करो, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करो!”

इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों में गुस्सा फूट पड़ा है। लोग अब खुलकर पूछ रहे हैं कि टैक्स के पैसे से बनी सड़कें इतनी कमजोर क्यों हैं?

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सिर्फ खानापूर्ति करके संतुष्ट होने के बजाय, यह घटिया काम करने वाले नगर पालिका के ठेकेदारों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

‘महानगर मेट्रो ‘ एनालिसिस: सिर्फ़ इलेक्ट्रिक बसें लाने से शहर स्मार्ट नहीं होगा!

यह घटना उन अधिकारियों के मुँह पर तमाचा है जो विकास के बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। नई टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक बसें लाना अच्छी बात है, लेकिन अगर उन्हें चलाने के लिए भ्रष्टाचार-मुक्त और मज़बूत सड़कें नहीं होंगी, तो ऐसी सुविधाएँ बेकार साबित होंगी।

जब तक लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करके जेल नहीं भेजा जाता, वडोदरा के नागरिकों की जान खतरे में पड़ती रहेगी।

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