Homeभारतदिल्ली7 स्टेशनों पर जवानों के पास नहीं थे हथियार, कुछ मेट्रो स्टेशनों...

7 स्टेशनों पर जवानों के पास नहीं थे हथियार, कुछ मेट्रो स्टेशनों पर बिना राइफल भीड़ संभालने को तैनात थे जवान

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान सीआईएसएफ ने सात मेट्रो स्टेशनों पर हथियारों की संख्या घटाकर अतिरिक्त जवान तैनात किए। संसद की सुरक्षा की भी समीक्षा की गई और मानसून सत्र तक पूरे क्षेत्र को अलर्ट मोड पर रखने का फैसला लिया गया।

7 स्टेशनों पर जवानों के पास नहीं थे हथियार

नई दिल्ली: सोमवार को बड़ी संख्या में दिल्ली में उमड़े प्रदर्शनकारियों को जहां संसद भवन जाने से रोकना बड़ी चुनौती थी, वहीं इस भीड़ को मेट्रो में संभालना भी बड़ा टास्क था। इसके लिए सीआईएसएफ ने एक खास रणनीति बनाई थी। जिसमें मेट्रो के 7 स्टेशन चिह्नित किए गए थे, जहां सबसे पहले तैनात जवानों से एके-47 और इंसास राइफल ले ली गईं और आम दिनों के मुकाबले जवानों के पास हथियारों की संख्या में 50 फीसदी की कटौती कर दी गई।
सूत्रों ने बताया कि स्टेशनों पर इंटरनेट जाम होने की समस्या आने पर काफी लोग टिकट नहीं ले पा रहे थे।

ऐसे लोगों को सीआईएसएफ, डीएमआरसी और दिल्ली पुलिस के तालमेल से बिना टिकट के ही निकाला गया। ताकि स्टेशनों पर भगदड़ मचने जैसी कोई परिस्थिति ना बने।

सूत्रों ने बताया कि मेट्रो स्टेशनों पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों पर आम दिनों में सिपाही, हवलदार और एएसआई के पास भी पिस्टल और अन्य हथियार दिए जाते हैं, लेकिन सोमवार को पटेल चौक, राजीव चौक, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, सेवा तीर्थ, लोक कल्याण मार्ग और मंडी हाउस में तैनात इस स्तर के सभी जवानों से हथियार जमा करा लिए गए थे।

इनके हाथों में हथियार की जगह लाठियां दी गई थीं। इंस्पेक्टर और इससे ऊपर के स्तर के अधिकारियों को ही हथियार दिए गए और वह भी पिस्टल।
सूत्रों ने बताया कि सीआईएसएफ इसी तरह की प्रैक्टिस इन स्टेशनों पर आने वाले कुछ दिनों के लिए रखेगी। जिसमें 50 फीसदी कम हथियारों के साथ जवान तैनात किए जाएंगे।

CISF के डीजी ने खुद किया संसद का सिक्योरिटी रिव्यू

सोमवार को संसद के करीब आ पहुंचे प्रदर्शनकारियों की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को संसद का सिक्योरिटी रिव्यू किया गया। संसद की सुरक्षा संभालने वाली सीआईएसएफ के डीजी प्रवीर रंजन खुद संसद पहुंचे। जहां उन्होंने संसद की सुरक्षा के तमाम इंतजामों का जायजा लिया। तय किया गया है कि जब तक कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन खत्म नहीं हो जाता, तब तक संसद की सुरक्षा अलर्ट मोड पर रहेगी। खासतौर से मानसून सत्र के दौरान। संसद भवन का जॉइंट रिव्यू किया गया। जिसमें सीआईएसएफ के डीजी प्रवीर रंजन, एडीजी (हेडक्वार्टर) विजय प्रकाश, आईजी नवज्योति गोगोई और डीआईजी संजय कुमार सैन समेत अन्य एजेंसियों के अधिकारी शामिल थे। एहतियातन आधुनिक हथियारों से लैस सीआईएसएफ के कुछ और जवानों को तैनात कर दिया गया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments