शाहदरा पुलिस ने 10वीं और 12वीं की फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने लैपटॉप, प्रिंटर और जाली दस्तावेज बनाने का सामान बरामद किया। आरोपियों ने 100 से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र बेचने की बात कबूल की।
10वीं-12वीं की फर्जी मार्कशीट, सर्टिफिकेट बनाने वाले पकड़े गए
नई दिल्लीः शाहदरा डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ पुलिस ने 10वीं और 12वीं कक्षा के फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) और मार्कशीट बनाने व बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी नवनीत त्यागी (53), सबाब आलम (41) और फरीद अहमद सैफी (49) हैं।
डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि शाहदरा का रहने वाला नवनीत त्यागी फर्जी मार्कशीट तैयार कर सप्लाई करता है। इस सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस ने फर्जी ग्राहक बनाकर जाल बिछाया। पुलिस टीम ने विकास मॉल, शाहदरा के पास छापेमारी कर नवनीत त्यागी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 10वीं और 12वीं की फर्जी मार्कशीट बरामद हुई। शाहदरा थाने में केस दर्ज किया गया। नवनीत से पूछताछ की गई, तो उसके अन्य साथियों सबाब आलम और फरीद अहमद सैफी के नाम सामने आए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, प्रिंटर और जाली दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
100 से अधिक फर्जी सर्टिफिकेट बेच चुके थे आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे अब तक लगभग 100 से 150 फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट बेच चुके हैं। वे प्रति दस्तावेज 5,000 से 10,000 रुपये वसूलते थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ‘ग्रामीण मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान’ के एक्सपायर्ड हो चुके पंजीकरण का दुरुपयोग कर रहे थे और लोगों को धोखा देने के लिए बैकडेटेड मार्कशीट जारी करते थे।

