अहमदाबाद : अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने गरीबों के हक पर हमला करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले माफियाओं के खिलाफ़ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है। कॉर्पोरेशन के इतिहास में शायद यह पहली घटना है जब एडमिनिस्ट्रेशन ने सीधे तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बने सरकारी घरों पर गैर-कानूनी तरीके से कब्ज़ा करने वाले लैंड माफियाओं और बिचौलियों पर कार्रवाई की है। इस सख्त कार्रवाई से गैर-कानूनी कामों में शामिल लोगों में भारी हलचल मच गई है।
अब गरीबों के हक पर डाका डालने वालों की ऐसी हालत हो गई है!
सरकार गरीब और मिडिल क्लास परिवारों को घर देने के मकसद से करोड़ों रुपये की लागत से EWS घर बना रही है। लेकिन लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं कि कुछ घमंडी लोग और बिचौलिए इन घरों के अलॉटमेंट का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं या सीधे तौर पर गैर-कानूनी तरीके से कब्ज़ा कर रहे हैं। पहली बार ऐतिहासिक कार्रवाई: जो सिस्टम पहले सिर्फ़ नोटिस जारी करके संतुष्ट हो जाता था, वह अब पूरे एक्शन मोड में दिख रहा है। बिना एक भी मौका दिए सीधे कब्ज़ेदारों को बेदखल करने का काम शुरू कर दिया गया है।
प्रॉपर्टीज़ सील की जाएंगी: गैर-कानूनी तरीके से रह रहे लोगों से घर खाली कराने और उन्हें कॉर्पोरेशन द्वारा अपने कब्ज़े में लेकर सील करने का सख्त अभियान शुरू किया गया है।
पुलिस सुरक्षा के साथ कार्रवाई: यह तोड़फोड़ और बेदखली का काम भारी पुलिस बल और सुरक्षा के साथ किया जा रहा है ताकि कोई भी अनहोनी न हो।
असली फ़ायदों को इंसाफ़ मिलेगा
कॉर्पोरेशन के बड़े अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान सिर्फ़ एक या दो दिन तक सीमित नहीं है। अहमदाबाद के अलग-अलग इलाकों में EWS हाउसिंग में ऐसे सभी गैर-कानूनी कब्ज़ों को खाली कराया जाएगा। इस ऐतिहासिक कदम से बिचौलिए का सिस्टम खत्म हो जाएगा और जो असली गरीब और हकदार फ़ायदेमंद अपने घरों का घंटों इंतज़ार कर रहे हैं, उन्हें अपना हक़ मिल सकेगा।
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के इस हिम्मत वाले और तारीफ़ के काबिल काम के बाद ईमानदार टैक्सपेयर्स और स्थानीय नागरिकों में खुशी का माहौल है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में इस कार्रवाई के तहत कितने अवैध कब्जे खाली कराए जाते हैं और गरीबों को न्याय मिलता है!

