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पुरानी घोषणाओं को दोहराकर श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं विधायक चौहान : बसंत मालपानी

नागदा। कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हालिया नागदा दौरे के दौरान की गई घोषणाओं को लेकर क्षेत्रीय विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे वर्षों पहले की गई घोषणाओं को दोबारा घोषित करवाकर जनता को भ्रमित करने और श्रेय लेने की राजनीति कर रहे हैं।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में मालपानी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित आईटीआई कॉलेज कोई नई घोषणा नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद वर्ष 2016-17 और 2017-18 में नागदा के पुराने इंटर कार्यालय में आईटीआई कॉलेज का संचालन भी शुरू हो चुका था, लेकिन बाद में यह कहकर बंद कर दिया गया कि एक विकासखंड में केवल एक आईटीआई संचालित हो सकती है, जबकि बाद में जानकारी मिली कि प्रदेश के कई विकासखंडों में दो-दो आईटीआई कॉलेज संचालित हैं। ऐसे में पुरानी घोषणा को दोहराने के बजाय स्थायी रूप से कॉलेज शुरू कराया जाना चाहिए।
मालपानी ने कहा कि नीनावटखेड़ा-अटलावदा डैम की घोषणा भी वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दीनदयाल उपाध्याय चौक की सभा में की जा चुकी थी। अब उसी घोषणा को पुनः दोहराया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि विधायक पुरानी घोषणाओं को नए रूप में प्रस्तुत कर राजनीतिक श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बिरलाग्राम झुग्गी-झोपड़ीवासियों को पट्टे देने का मुद्दा भी वर्षों से लंबित है। वर्ष 2017 में शिवराज सिंह चौहान तथा वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी पट्टे देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक उस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बिरलाग्राम में लगभग 5,000 से अधिक परिवार निवास करते हैं, जो आज भी अपने आवास और भूमि को लेकर असुरक्षा की स्थिति में जीवन जी रहे हैं। कई परिवार पलायन कर चुके हैं, जबकि अनेक लोग अब भी पट्टों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने विधायक से इस मामले में तत्काल कार्रवाई कराने की मांग की।

नागदा जिला बनाए जाने के मुद्दे पर मालपानी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने परिसीमन का हवाला देकर विषय को टाल दिया, जबकि नागदा जिले की सीमाएं पहले ही निर्धारित होकर गजट अधिसूचना जारी हो चुकी है। अब केवल प्रशासनिक कार्यालय स्थापित कर जिले को अस्तित्व में लाने की आवश्यकता है। उन्होंने विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान और भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजेश धाकड़ से संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूत पैरवी कर नागदा जिले को शीघ्र अस्तित्व में लाने की मांग की।

मालपानी ने कहा कि नागदा में व्यापार प्रभावित है, बेरोजगारी बढ़ रही है और लंबे समय से कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ है। ऐसे में नागदा को जिला बनाए जाने से विकास के नए अवसर खुलेंगे, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे।

पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मालपानी ने कहा कि यदि वास्तव में कुछ लोगों के षड्यंत्र के कारण नागदा जिला नहीं बन पाया, तो उन लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या उद्योग जगत या भाजपा के कुछ नेताओं ने नागदा को जिला बनने से रोका था? जनता को वास्तविक स्थिति जानने का अधिकार है।

मालपानी ने यह भी कहा कि केवल प्रेस वार्ताएं और बयान देने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच आकर आंदोलन करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि नागदा को जिला बनाने की मांग को लेकर उन्होंने नागदा से भोपाल तक लगभग 250 किलोमीटर की पदयात्रा की थी तथा व्यापक जनजागरण अभियान चलाया था, जिसे नागदा की जनता का भरपूर समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि जिले की मांग को लेकर आगे भी जनआंदोलन जारी रहेगा।

अंत में मालपानी ने उज्जैन-जावरा मार्ग के शीघ्र चौड़ीकरण की मांग दोहराते हुए कहा कि इस मार्ग पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और जनहानि बढ़ रही है। सरकार को प्राथमिकता के आधार पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू करना चाहिए।

बसंत मालपानी

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