दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 16 में हुए हादसे के बाद अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि नए मकान बनाने के लिए घटिया मैटेरियल का यूज किया गया था। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। जबकि हादसे में घायल रवि और मोहम्मद सद्दाम (32) का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दिल्ली के रोहिणी में नई इमारत हो गई थी धाराशायी
नई दिल्ली: रोहिणी सेक्टर-16 में 5 मंजिला इमारत गिरने के मामले में मृतकों की संख्या तीन हो गई है। राहत और बचाव दल ने बुधवार देर रात मलबे से मकान मालिक राम दुआ (62) और यूपी के बहराइच निवासी मजदूर नूरुल हुदा उर्फ कैफ (24) के शव बरामद किए। गुरुवार सुबह तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरा मलबा हटाकर यह सुनिश्चित कर लिया गया कि उसके नीचे कोई और व्यक्ति नहीं दबा है।
हादसे में इन तीनों की गई जान, दो घायल
रोहिणी डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि हादसे में घायल रवि (35) और मोहम्मद सद्दाम (32) का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जांच के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठेकेदार घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश जारी है। शुरुआती जांच में कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल किए गए मटीरियल की क्वॉलिटी पर सवाल उठ रहे हैं।
डीसीपी के मुताबिक, सबसे पहले मलबे से बाइक मिकैनिक राम किशोर और उनके दोस्त रवि को निकाला गया। राम किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रवि को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ है। इसके बाद घायल मजदूर सद्दाम को बाहर निकाला गया। देर रात 12:45 बजे नूरुल हुदा का शव और करीब 2:30 बजे मकान मालिक राम दुआ का शव बरामद हुआ।
दो प्लॉट को मिलाकर बन रही थी इमारत
जांच में सामने आया है कि 26-26 गज के दो प्लॉटों को मिलाकर करीब एक साल से यह 5 मंजिला इमारत बनाई जा रही थी। ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग और ऊपर 4 मंजिलो पर फ्लैट तैयार किए जा रहे थे। अगले महीने परिवार के नए मकान में शिफ्ट होने की प्लानिंग थी।
बारिश के कारण बुधवार को केवल पीओपी का काम करने वाले दो मजदूर नुरुल हुदा और सद्दाम ही साइट पर पहुंचे थे। दोपहर में खाना खाने के बाद राम दुआ भी काम देखने पहुंचे थे। इसी दौरान करीब 4:20 बजे पूरी इमारत भरभराकर गिर गई।

