मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड ने पश्चिम और मध्य रेलवे की सेवाओं को बुरी तरह से प्रभावित किया है। मुंबई और एमएमआर में लोकल सेवाएं सोमवार को प्रभावित रहीं। बारिश से ट्रैक पर पानी भर गया। इतना ही नहीं वसई-विरार का रेल नेटवर्क टूट गया।
मुंबई: सप्ताह का पहला ही दिन पश्चिम रेलवे के यात्रियों के लिए परेशानी भरा रहा। सोमवार सुबह से हो रही भारी बारिश के चलते वसई और विरार के बीच लोकल ट्रेन सेवा प्रभावित हो गई। लगातार बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पर पानी भरने लगा था। शुरुआत में एहतियात के तौर पर ट्रेनों को प्रतिबंधित गति (रिस्ट्रिक्टेड स्पीड) से चलाया गया, लेकिन बाद में नालासोपारा और वसई स्टेशन के ट्रैक पर पानी प्लेटफॉर्म के स्तर तक पहुंच गया। स्थिति गंभीर होने पर सुबह करीब 9:30 बजे से इस सेक्शन में लोकल सेवाएं बंद कर दी गईं। खबर लिखे जाने तक वसई-विरार सेक्शन में ट्रेन परिचालन शुरू नहीं हो सका था। इसके चलते पश्चिम रेलवे की लोकल सेवाएं केवल भायंदर से चर्चगेट और विरार से पालघर के बीच संचालित की जा रही थीं। हालांकि, सुबह भायंदर खाड़ी के पानी का स्तर बढ़ने से भायंदर तक की सेवाएं भी करीब आधे घंटे के लिए प्रभावित हुई थीं।
लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ा भारी असर
लोकल सेवा बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह जल्दी घर से निकले कई लोग दफ्तर तो पहुंच गए, लेकिन उनके लिए वापस घर लौटना मुश्किल हो गया। रेल सेवा प्रभावित होने का असर सड़कों पर भी देखने को मिला और यात्रियों ने अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतें भी कीं। वसई-विरार सेक्शन बंद होने से लंबी दूरी की ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। कई ट्रेनों को शॉर्ट ओरिजिनेट, शॉर्ट टर्मिनेट और री-शेड्यूल करना पड़ा। मुंबई में 6 जुलाई को 24 घंटों के दौरान शहर में 100 मिमी से लेकर 265 मिमी से अधिक (कुछ इलाकों में करीब 300 मिमी तक) मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। इस भारी बारिश के कारण शहर में कई बड़ी दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें अलग-अलग हादसों में कम से कम 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
उपनगरीय (लोकल) सेवाएं (शाम 7 बजे तक )
100 लोकल ट्रेनें रद्द
करीब 120 ट्रेनें देरी से चलीं
लंबी दूरी की ट्रेनें प्रभावित
16 ट्रेनें रद्द
15 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट
16 ट्रेनें शॉर्ट ओरिजिनेट
26 ट्रेनें री-शेड्यूल
13 ट्रेनों का मार्ग बदला गया
प्लेटफार्म लेवल तक पहुंचा ट्रैक का पानी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के आसपास के इलाकों में पानी का स्तर स्टेशन परिसर के बराबर पहुंच गया है। नालासोपारा के अधिकांश हिस्सों में जलभराव होने से ट्रैक और स्टेशन परिसर में जमा पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। पानी निकल नहीं पा रहा है। इसलिए सर्विस चलाना सुरक्षित नहीं है। अधिकारी ने कहा कि रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष बस सेवाओं की व्यवस्था भी की है। भिलाड से बोरीवली के लिए दो बसें और वापी के लिए एक बस चलाई गई है। ऐसे ही विभिन्न जगहों से बस सेवा चली गई। इसके अलावा, ट्रेनों और स्टेशनों पर फंसे यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यात्रियों की सहायता के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

