अहमदाबाद: शहर में इन दिनों स्पा और मसाज सेंटरों की बाढ़ सी आ गई है। बाहर से देखने में लग्जरी और रिलैक्सिंग लगने वाले ये केंद्र अब शहर के लिए एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुके हैं। महानगर मेट्रो की एक विस्तृत पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि कई स्पा सेंटरों की आड़ में सुनियोजित तरीके से देह व्यापार का धंधा फल-फूल रहा है।
पुलिस की कथित मिलीभगत और कानून की विफलता
सूत्रों और स्थानीय जानकारियों के अनुसार, शहर के पॉश इलाकों में चलने वाले इन अवैध अड्डों को कुछ भ्रष्टाचारी पुलिस अधिकारियों का सीधा संरक्षण प्राप्त है। इस संरक्षण के चलते ही शिकायतें मिलने के बावजूद इन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती। ऐसा प्रतीत होता है कि “सांठ-गांठ” का यह तंत्र इतना मजबूत है कि कानून का भय इन ऑपरेटरों में समाप्त हो गया है।
बाहरी राज्यों और विदेशों से तस्करी
हमारी रिपोर्ट के अनुसार, इन स्पा सेंटरों में बंगाल, बॉम्बे, बिहार और थाईलैंड सहित कई विदेशी मूल की महिलाओं को काम पर रखा जा रहा है। गिरोह के सरगना इन महिलाओं को बेहतर रोजगार का प्रलोभन देकर बुलाते हैं और फिर उन्हें अपनी मजबूरी और जाल में फंसाकर अनैतिक गतिविधियों में झोंक देते हैं। यह न केवल मानव तस्करी के गंभीर मामलों की ओर इशारा करता है, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
युवा पीढ़ी पर गहराता खतरा
इस गोरखधंधे का सबसे दुखद पहलू यह है कि इससे हमारा युवा वर्ग प्रभावित हो रहा है। सुलभ उपलब्धता और विज्ञापन के चमक-धमक वाले जाल के कारण युवा पीढ़ी अनैतिकता और आपराधिक प्रवृत्ति की ओर तेजी से झुक रही है। यह न केवल नैतिक मूल्यों का पतन है, बल्कि भविष्य के समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है।
क्या प्रशासन जागेगा?
महानगर मेट्रो शासन और प्रशासन से यह सवाल पूछना चाहता है कि आखिर ये स्पा सेंटर इतने बेखौफ कैसे हैं? क्या जनहित और भविष्य की सुरक्षा के लिए इन अवैध अड्डों को जड़ से खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने चाहिए?
हम मांग करते हैं कि ऐसे सभी स्थानों पर त्वरित छापेमारी की जाए और भ्रष्ट अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। जब तक प्रशासन ईमानदारी से कार्य नहीं करेगा, तब तक अहमदाबाद का यह काला सच शहर को अंदर से खोखला करता रहेगा।
पवन माकन
संस्थापक एवं समूह संपादक, धानी मीडिया

