Health Tips: खांसी, छींक, थकान और बुखार जैसे लक्षण अक्सर सामान्य फ्लू या सर्दी के माने जाते हैं, लेकिन क्या ये संकेत महिलाओं में ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ का इशारा भी हो सकते हैं? विशेषज्ञों की मानें तो कई बार छाती में दर्द न होने के बावजूद हार्ट अटैक हो सकता है, खासकर महिलाओं में।
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Health Tips: साइलेंट हार्ट अटैक—क्या है यह बीमारी?
मैकगिल यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, 55 वर्ष से कम उम्र की हर 1 से 5 महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान छाती में बिल्कुल भी दर्द महसूस नहीं होता। इसके बजाय, उन्हें सामान्य थकान, उल्टी जैसा महसूस होना या बुखार जैसे हल्के लक्षण नजर आते हैं। ऐसे लक्षणों को अधिकतर लोग फ्लू या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
Health Tips:महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण क्यों होते हैं अलग?
सीडीसी के मुताबिक, महिलाओं में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण हृदय रोग है। वहीं, वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के अनुसार, हर साल लगभग तीन में से एक महिला की मौत हृदय रोग के कारण होती है। साइलेंट हार्ट अटैक में हृदय तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है, लेकिन शरीर स्पष्ट संकेत नहीं देता।
इस स्थिति में धमनियों में रुकावट आने से हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है, लेकिन नर्व्स की संवेदनशीलता कम होने के कारण दर्द महसूस नहीं होता या बहुत हल्का होता है। इसलिए शरीर तेज दर्द के रूप में ‘अलार्म’ नहीं देता और इसे ‘साइलेंट’ हार्ट अटैक कहा जाता है।
सामान्य लक्षणों को न करें नजरअंदाज:
अक्सर थकान, बुखार या उल्टी जैसा महसूस होना आम बीमारी के लक्षणों की तरह लगता है। लेकिन अगर कोई महिला इन लक्षणों को लगातार अनुभव कर रही हैं, तो इसे हल्के में न लें। डॉक्टरों के अनुसार, साइलेंट हार्ट अटैक में भी हृदय को उतना ही नुकसान हो सकता है जितना सामान्य हार्ट अटैक में होता है, फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें स्पष्ट चेतावनी नहीं मिलती।
विशेषज्ञों की राय और सुझाव(Health Tips):
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए और अगर बार-बार थकान, बुखार या फ्लू जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। साइलेंट हार्ट अटैक के बारे में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि समय रहते इलाज मिल सके और जान का खतरा कम किया जा सके।
क्यों बढ़ रही है महिलाओं में हृदय रोग की समस्या(Health Tips)?
वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के अनुसार, हृदय रोग महिलाओं में मृत्यु का एक बड़ा कारण है। कई बार लक्षण अस्पष्ट होने के कारण महिलाएं समय पर इलाज नहीं ले पातीं। इसलिए जरूरी है कि साइलेंट हार्ट अटैक जैसे मामलों में सतर्कता बरती जाए और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न किया जाए।
साइलेंट हार्ट अटैक को समझना और इसके लक्षणों की पहचान करना महिलाओं के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

