मध्य्रपदेश के इंदौर प्रशासन ने नागरिक सेवाओं को डिजिटल बनाने के लिए एक चैटबॉट का ट्रायल शुरू किया है। इसके जरिए लोग अब घर बैठे ही मूल निवासी, आय और जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए मोबाइल से आवेदन कर सकेंगे।
मूल निवासी और आय प्रमाण पत्र के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर
इंदौर : जिले के नागरिकों को अब मूल निवासी, आय और अन्य जरूरी सरकारी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कलेक्ट्रेट या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलने वाली है। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता की सहूलियत के लिए एक बेहद आधुनिक और आसान तकनीक की शुरुआत की है।
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए एक विशेष चैटबॉट का ट्रायल वर्जन लॉन्च किया है। इस डिजिटल सिस्टम के जरिए शहर के लोग घर पर ही अपने मोबाइल की मदद से आवेदन कर सकेंगे और तय समय सीमा के भीतर अपने जरूरी दस्तावेज हासिल कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर अमल
कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से साफ निर्देश हैं कि आम जनता को मिलने वाली तमाम जरूरी सरकारी सेवाएं तय वक्त के अंदर ही मुहैया कराई जानी चाहिए। इसी मंशा को पूरा करने के लिए इस चैटबॉट को डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर बहुत छोटे-छोटे कामों या प्रमाण पत्रों के लिए भी लोगों को बार-बार दफ्तरों के फेरे लगाने पड़ते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों ही बर्बाद होता है। प्रशासन की कोशिश है कि अब लोगों को बिना दफ्तर बुलाए उनके काम घर बैठे ही निपटाए जाएं।
शुरुआती चरण में इस चैटबॉट पर मूल निवासी, आय और जाति प्रमाण पत्र की सेवाओं को लाइव किया गया है।
आवेदक अपने मोबाइल फोन के जरिए ही इस चैटबॉट पर जाकर सीधे आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
जरूरी दस्तावेजों को मोबाइल से ही अपलोड करने की सुविधा दी गई है, जिसके बाद संबंधित विभाग इसकी जांच करेगा।
आवेदन स्वीकृत होने के बाद तय समय सीमा में डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
जारी किए गए सभी दस्तावेज डिजिटल फॉर्मेट में होंगे, जिन्हें आवेदक अपने फोन या कंप्यूटर पर सीधे डाउनलोड कर सकेंगे।
भविष्य में बढ़ेंगी सेवाएं
कलेक्टर ने साफ किया है कि यह इस व्यवस्था की सिर्फ एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में इस चैटबॉट को तकनीकी रूप से और ज्यादा अपग्रेड किया जाएगा, ताकि नगर निगम और राजस्व विभाग से जुड़ी अन्य नागरिक सेवाओं को भी इससे जोड़ा जा सके। इस प्रयोग के जरिए प्रशासन की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा कागजी काम ऑनलाइन ही सिमट जाएं। अगर यह शुरुआती ट्रायल पूरी तरह सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसके दायरे को काफी बड़ा किया जाएगा ताकि इंदौर के हर नागरिक तक सरकारी सेवाएं सुगमता से पहुंच सकें।

