महानगर ब्यूरो : गुजरात के वडोदरा जिले के करजण तालुका से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज ख़बर सामने आ रही है। पिंगलवाडा गांव में प्राकृतिक संपदा की ऐसी बेरहमी से लूट मची है, जिसने सूबे के प्रशासनिक और सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। ससरोड वाडा रोड से लेकर नारेश्वर रोड तक के पूरे इलाके को खनिज़ माफ़ियाओं ने अपनी जागीर बना लिया है। ‘महानगर मेट्रो’ की खोजी टीम को मिले पुख्ता दस्तावेजों और सबूतों के मुताबिक, इस महा-घोटाले के तार सीधे स्थानीय भाजपा विधायक अक्षय पटेल और करजण तालुका पंचायत के रसूखदार सदस्य गोकुल भरवाड़ उर्फ ‘घुघू’ से जुड़े हैं।
धरती का सीना चीर रहीं १५ पोकलेन मशीनें, १०० से ज़्यादा डंपर रोज उड़ा रहे कानून की धज्जियां
पिंगलवाडा और उसके आस-पास के नदी तटीय इलाकों में कानून व्यवस्था पूरी तरह से दम तोड़ चुकी है। ग्राउंड जीरो की हकीकत यह है कि इस पूरे इलाके में अवैध रेती (बालू) और मिट्टी का खनन करने के लिए १५ से ज्यादा भारी-भरकम हिटाची और पोकलेन मशीनें दिन-रात अवैध खुदाई कर रही हैं। माफ़ियाओं के गुर्गे बेखौफ होकर १०० से अधिक डंपरों के जरिए बिना किसी रोयल्टी के इस बेशकीमती खनिज़ को ठिकाने लगा रहे हैं। सरकार की आंखों में धूल झोंककर रोजाना लाखों-करोड़ों रुपए की रोयल्टी चोरी की जा रही है, जिससे सरकारी खजाने को अरबों का चूना लग चुका है।

विधायक ने बनाई ‘अबजों’ की काली कमाई, ‘घुघू’ ने खरीदा पूरा सिस्टम!
स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ितों का आरोप है कि इस अवैध साम्राज्य के मुख्य सिंडिकेट को करजण के वर्तमान विधायक अक्षय पटेल का सीधा संरक्षण प्राप्त है। रसूख और सत्ता के इस गठजोड़ के दम पर विधायक ने अचल संपत्तियों और बेनामी जमीनों का एक विशाल साम्राज्य (अबजों की संपत्ति) खड़ा कर लिया है। वहीं, उनका सबसे वफादार गुर्गा गोकुल भरवाड़ उर्फ ‘घुघू’ अपनी राजनीतिक पहुंच और पैसों की ताकत के बल पर पूरे जिले के प्रशासनिक अमले को अपनी जेब में रखकर घूम रहा है।
अधिकारियों ने बेची अपनी ईमानदारी? गांधीनगर से लेकर वडोदरा तक ‘हफ्ता’ तय!
इस बेखौफ लूट के खिलाफ पिंगलवाडा गांव के जागरूक नागरिकों ने हिम्मत दिखाकर हर स्तर पर गुहार लगाई। ग्रामीणों ने:
गांधीनगर खान खनिज विभाग के फ्लाइंग स्क्वाड के अधिकारी चावड़ा,
वडोदरा जिला खनन विभाग,
करजण के तहसीलदार सी. आर. पढियार,
और एसडीएम (SDM) शिवम बारिया तक को बार-बार लिखित और मौखिक शिकायतें भेजीं।
परंतु, कार्रवाई के नाम पर प्रशासन ने केवल लीपापोती की। सूत्रों का दावा है कि इस मौन के पीछे एक बहुत बड़ा ‘हफ्ता तंत्र’ काम कर रहा है। गांधीनगर के वातानुकूलित कमरों से लेकर स्थानीय अधिकारियों की टेबल तक, हर महीने करोड़ों रुपए का काला धन पहुंच रहा है। यही वजह है कि माफ़िया बेखौफ हैं और अधिकारी अंधी-बहरी कौम बनकर तमाशा देख रहे हैं।
रोंगटे खड़े करने वाला आपराधिक इतिहास: पुलिस कांस्टेबल का किया था अपहरण!
इस कमान को संभालने वाले गोकुल भरवाड़ उर्फ घुघू का आपराधिक इतिहास किसी खूंखार अपराधी से कम नहीं है। वह पूर्व में अवैध हथियारों (रिवॉल्वर) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार हो चुका है। हद तो तब हो गई जब उसने करजण थाने के ही एक जांबाज पुलिस कांस्टेबल लक्ष्मण आहीर का सरेआम अपहरण कर लिया और उन्हें जान से मारने की खौफनाक कोशिश की। लेकिन अफ़सोस, सत्ता की धौंस, सियासी दबाव और पैसों की चमक के आगे कानून लाचार हो गया और वह हर बार जेल की सलाखों से बाहर आ गया।
जनता की हुंकार: अब सीधे ‘एसीबी’ करे विधायक और माफ़ियाओं का हिसाब!
अब करजण की जनता का सब्र का बांध टूट चुका है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर मांग की है कि इस पूरे महा-घोटाले और अवैध साम्राज्य की जांच एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंपी जाए। विधायक अक्षय पटेल और गोकुल भरवाड़ की तमाम बेनामी संपत्तियों की बारीकी से जांच हो और उन पर बूलडोजर चलाया जाए।
‘महानगर मेट्रो’ का खुला संकल्प:
क्या राज्य के मुख्यमंत्री इस बेलगाम भ्रष्टाचार और खनिज़ माफ़ियाओं पर कोई सख्त एक्शन लेंगे? या फिर सत्ताधारी दल का ठप्पा होने की वजह से इस फ़ाइल को भी दबा दिया जाएगा? सरकार जो करे सो करे, लेकिन ‘महानगर मेट्रो’ इस लड़ाई में पीछे नहीं हटने वाला। हम जनता की इस आवाज को लेकर सीधे गांधीनगर सचिवालय तक जाएंगे और जब तक इन लुटेरों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा देते, हमारी कलम रुकने वाली नहीं है।

