विशेष संवाददाता, पालघर : महाराष्ट्र का पालघर जिला एक बार फिर खाकी और अपराधियों की कथित सांठगांठ को लेकर सुलग उठा है। पालघर के दहानू पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र से कानून व्यवस्था के चिथड़े उड़ाने वाली एक ऐसी सनसनीखेज हकीकत सामने आई है, जिसने पुलिस की ईमानदारी पर मसमोटा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। कंकराडी ग्राम पंचायत जैसी जिम्मेदार सरकारी संस्था के बिल्कुल बगल में, कानून के पहरेदारों की नाक के नीचे, ‘गोपाल दादा’ नाम का कुख्यात बूटलेगर बेखौफ होकर जुए का बहुत बड़ा अड्डा चला रहा है।
लाखों का वारा-न्यारा: ‘रमी’ की आड़ में कंगाली का खेल
स्थानीय सूत्रों से मिली बेहद पुख्ता जानकारी के मुताबिक, इस गुप्त और अवैध ठिकाने पर हर रोज ‘रमी’ नामक जुए का काला कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक यहां जुआरियों का जमावड़ा लगा रहता है और रोजाना लाखों रुपये का अवैध लेन-देन हो रहा है। इस दलदल में फंसकर कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं, लेकिन जुआ माफिया गोपाल दादा का यह सिंडिकेट बिना किसी डर के चौबीसों घंटे एक्टिव है।
जनता की सूचना को रद्दी की टोकरी में डालती दहानू पुलिस!
इस पूरे मामले में सबसे शर्मनाक और गंभीर भूमिका स्थानीय दहानू पुलिस की सामने आ रही है। इलाके के त्रस्त नागरिकों ने इस अवैध अड्डे की पल-पल की जानकारी और शिकायतें दहानू पुलिस तक पहुंचाई हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल ढाक के तीन पात ही हाथ लगे हैं। दहानू पुलिस स्टेशन के पीआई (पुलिस इंस्पेक्टर) की इस मामले में रहस्यमयी चुप्पी और निष्क्रियता साफ इशारा करती है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।
‘महानगर मेट्रो’ के तीखे सवाल: क्या गोपाल दादा के पैसों ने सबका मुंह बंद कर दिया?
अब पालघर के जागरूक नागरिक और ‘महानगर मेट्रो’ सीधे प्रशासन से ये तीखे सवाल पूछ रहे हैं:
क्या दहानू पुलिस की यह अकर्मण्यता सिर्फ एक लापरवाही है, या फिर हर महीने टेबल के नीचे से पहुंचने वाली मोटी ‘हफ्ता वसूली’ का नतीजा है?
क्या गोपाल दादा नाम के इस बूटलेगर ने अपनी अवैध काली कमाई के दम पर नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों का मुंह बंद कर दिया है?
कंकराडी ग्राम पंचायत के नाक के नीचे चल रहे इस नरक पर पालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) कब हंटर चलाएंगे?
अगर पालघर एसपी ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर दहानू पीआई और इस जुआ माफिया के गठजोड़ पर कड़ा एक्शन नहीं लिया, तो जनता का खाकी पर से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा। ‘महानगर मेट्रो’ इस पूरे सिंडिकेट पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और जब तक इस काले धंधे का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता, हम जनता की आवाज को इसी तरह बुलंद करते रहेंगे।

