महाराष्ट्र में गांव तक सड़क नहीं होने की वजह से एक महिला की मौत का मामला सामने आया आया है। चंद्रपुर जिले में संगीता गेडाम की एक बच्ची को जन्म देने के बाद मौत हो गई। ग्रामीण का आरोप है कि गांव तक सड़क नहीं होने के कारण उसे समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप है।
नागपुर : महाराष्ट्र में चंद्रपुर जिले के एक दूर-दराज गांव में सड़क नहीं होने की वजह से गर्भवती महिला की मौत हो गई। गांव में सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। ऐसे में बच्चे को जन्म देने के बाद 25 साल की संगीता गेडाम की मौत हो गई। यह घटना चंद्रपुर के घोदानखाप्पी गांव में हुई। इस घटना के बाद एक बार फिर से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग उठी है। लोगों का आरोप है कि गांव में सड़क न होने की वजह से मां को इलाज नहीं मिल पाया और बच्चे को जन्म देने के बाद उसकी मौत हो गई।नागपुर से चंद्रपुर की दूरी 150 किलोमीटर है।
ग्रामीण नहीं ले जा पाए अस्पताल
जानकारी के अनुसार यह घटना जिवती तहसील के घोदानखाप्पी गांव में हुई। यहां 25 साल की संगीता तुलसीराम गेदम को 14 जून को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। ग्रामीणों के अनुसार, उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी क्योंकि गांव को पास की स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने वाली कोई सड़क नहीं थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ महिलाओं ने गर्भवती महिला को इलाज के लिए पहाड़ी रास्ते से पैदल ले जाने की कोशिश की। हालांकि, तेज प्रसव पीड़ा के कारण उन्हें घर लौटना पड़ा। बाद में संगीता ने अपने घर पर ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
ब्लीडिंग होने से गई महिला की जान
संगीता को डिलीवरी के कुछ ही समय बाद बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग हुई। उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंची और इलाज शुरू किया, लेकिन डॉक्टरों ने तय किया कि बेहतर इलाज के लिए उसे अस्पताल ले जाना जरूरी है। सीधी सड़क न होने के कारण संगीता को मुश्किल रास्तों से होते हुए एक माल ढोने वाली गाड़ी में शंकरपत्थर ले जाया गया, जहां एम्बुलेंस इंतजार कर रही थी। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। पाटन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल ऑफिसर छाया सेडमाके ने बताया कि महिला लगभग आठ महीने की गर्भवती थी और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवा रही थी। उन्होंने कहा कि उसकी हालत की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य टीम ने तुरंत कार्रवाई की, लेकिन उसे ग्रामीण अस्पताल ले जाने की कोशिशों के बावजूद बचाया नहीं जा सका।

