महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे की मुश्किलें फिर बढ़ती दिख रही हैं। शिवसेना यूबीटी के 9 में से 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में जाने की अटकलों के बीच प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।
मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे एक बार फिर से मुश्किलों में नजर आ रहे हैं। उन्हें एक बार फिर पार्टी में टूट का सामना करना पड़ सकता है। शिवसेना यूबीटी के 9 में से 6 सांसदों के शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला है। प्रियंका ने एक्स पर एक पोस्ट किया है। इसे पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि बीजेपी इस भ्रम में ना रहे के सपोलों की टोली जमा करके, सांपों को दूध पिलायेंगे और वह सिर्फ विपक्ष को डसेंगे। आपका समय भी आयेगा क्योंकि सांप की फितरत ही डंसना है, आज अगर हमारी बारी है, कल आपकी भी हो सकती है।
ऑपरेशन टाइगर पर क्या बोलीं प्रियंका
वहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं और कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो नेता किसी राजनीतिक दल के नाम और चुनाव चिह्न पर जीतकर संसद या विधानसभा पहुंचते हैं, उनके लिए पार्टी छोड़ने के बाद भी उस सीट पर बने रहना उचित नहीं है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यदि किसी नेता को अपनी पार्टी से असंतोष है तो उसे जनता के बीच जाकर अपने दम पर चुनाव लड़ना चाहिए और नया जनादेश प्राप्त करना चाहिए। ऐसे राजनीतिक घटनाक्रमों को ‘ऑपरेशन टाइगर’ कहना गलत है। इसे ‘ऑपरेशन गद्दारी’ कहा जाना चाहिए।
संजय राउत के बयान पर कही ये बात
उन्होंने बताया कि इस मामले में उनकी पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष संविधान का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा है। यह मामला अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में लंबित है और पार्टी कानूनी लड़ाई लड़ रही है। शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को तोड़ने के लिए 15-15 करोड़ रुपए का ऑफर दिए जाने संबंधी संजय राउत के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यदि कोई वरिष्ठ नेता किसी संभावित राजनीतिक घटनाक्रम की जानकारी होने का दावा करता है, तो उसके पीछे कुछ न कुछ आधार अवश्य हो सकता है।
सौदेबाजी के आरोप लगते रहे
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से संपर्क साधे जाने और संभावित दलबदल की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में इस तरह की चर्चाओं पर उन्हें कोई हैरानी नहीं होगी। प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की राजनीति में पहले भी खरीद-फरोख्त और राजनीतिक सौदेबाजी के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

