परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा महातीर्थ विकास प्रेरक पूज्य आचार्यप्रवर श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा साहेब के सुशिष्य अष्टम वर्षीतप तपस्वी पूज्य मुनिराज श्री पीयूषचन्द विजयजी म.सा. प्रवचनदक्ष मुनिराजश्री रजतचन्द्र विजयजी म.सा.बंधु बेलड़ी का मोहनखेड़ा महातीर्थ में 14 जुन को मंगल प्रवेश होगा। बांसवाड़ा शहर में बन्धु बेलड़ी का 6 माह बाद मिलन समारोह के साथ 1 जुन को भव्य नगर मंगल प्रवेश हुआ 2 से 4 जुन तक सुरि ऋषभ गुरुदेव का 69वां जन्मोत्सव व पुण्यतिथि स्मरण मनाया गया।

मुनिश्री पीयूषचन्द्र विजयजी म.सा.ने कहा मेरे जीवन के उपकारी सुरि ऋषभ गुरुदेव ने सभी संतों को आगे बढ़ाया,स्वयं के पास आये शासन प्रभावना के कार्य अलग-अलग प्रांतों में उनसे करायें, इतने उदारमना थे मेरे गुरुदेव। मुनिश्री रजतचन्द्र विजयजी ने कहा सुरि ऋषभ ने पुरुषार्थ कर तीर्थ भूमि में ऐसा कार्य किया कि आज सभी उस सुरक्षा और कुशलता को महसूस कर रहे है। मुनिश्री ने बताया बड़े भ्राता पीयूषचन्द्र विजयजी की सहमति से रानीबैन्नुर नगरे नागेश्वर मोहनखेड़ा तीर्थधाम अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव एवं रानीबैन्नुर गांव में चल प्रतिष्ठा महोत्सव, बेलगांव में मुनिसुव्रत दादा का महामहोत्सव एवं कराड श्रीसंघ में नवपद औलीजी आराधना सह सिद्धाचल तीर्थ भावयात्रा त्रिदिवसीय उत्सव किया। तलेगांव दाभाड़े में अक्षय तृतीया का सामुहिक वर्षीतप पारणोत्सव आयोजन एवं पुणे के समिप दौन्ड नगरे श्री विमलनाथ दादा का रजत पंचान्हिका महोत्सव आदि शासन प्रभावना के कार्य करते हुए। सात माह में पांच राज्यों की विहार यात्रा कर 14 जुन को प्रातः 8 बजे मोहनखेड़ा महातीर्थ में मंगल प्रवेश करेंगे।

