अहमदाबाद : पिछले कुछ सालों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इंडियन करेंसी को लेकर एक मैसेज वायरल हो रहा है। इस वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि 30 जून से देश में सभी पेपर करेंसी नोट बैन हो जाएंगे और उनकी जगह प्लास्टिक करेंसी नोट आएंगे। जैसे ही यह मैसेज वायरल हुआ, आम लोगों और व्यापारियों में काफी कन्फ्यूजन और चिंता है। हालांकि, अब इस बारे में सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से एक बड़ा और ऑफिशियल अपडेट सामने आया है।
वायरल मैसेज का सच क्या है?
सोशल मीडिया पर चल रहे इस फेक मैसेज की जांच करने पर पता चला है कि सरकार या RBI की तरफ से पेपर नोट बैन करने का ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। RBI के ऑफिशियल नियमों के मुताबिक, देश में अभी जो कागज़ के नोट चल रहे हैं (जैसे ₹10, ₹20, ₹50, ₹100, ₹200 और ₹500) वे 30 जून के बाद भी पूरी तरह वैलिड रहेंगे और हमेशा की तरह चलते रहेंगे। लोगों को ऐसी किसी भी अफवाह से घबराने की ज़रूरत नहीं है।
प्लास्टिक करेंसी को लेकर क्या है स्थिति?
केंद्र सरकार और RBI लंबे समय से नोटों की लाइफ बढ़ाने और नकली नोटों की मिलावट को रोकने के लिए प्लास्टिक (पॉलिमर) नोट लाने पर विचार और ट्रायल कर रहे हैं, लेकिन सभी कागज़ के नोटों की जगह इसे तुरंत लागू करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। प्लास्टिक नोट लाने की प्रक्रिया अभी एक्सपेरिमेंटल स्टेज पर है और इसे रातों-रात लागू नहीं किया जाएगा।
RBI ने फेक न्यूज़ और अफवाहों से सावधान रहने की अपील की
RBI ने पहले साफ किया है कि करेंसी नोटों के बारे में कोई भी ऑफिशियल जानकारी सिर्फ रिजर्व बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही पब्लिश की जाती है। पक्को गुजरात न्यूज़ अपने रीडर्स से भी अपील करता है कि वे सोशल मीडिया पर ऐसे किसी भी गुमराह करने वाले मैसेज को सच मानकर गुमराह न हों और बिना ऑफिशियल अनाउंसमेंट के ऐसे वीडियो या मैसेज को आगे शेयर न करें। देश में पेपर करेंसी पूरी तरह से सेफ और वैलिड है।

