गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर ट्विन टनल का काम जल्द ही शुरू होगा। टनल बोरिंग मशीन की असेंबली और सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद खुदाई का काम शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद 75 मिनट की यात्रा घटकर 20 से 25 मिनट के बीच रह जाएगी।
मुंबई: गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के तीसरे चरण के लिए ट्विन टनल का निर्माण जल्द ही शुरू होने वाला है। ये टनल दादासाहेब फाल्के चित्र नगरी (फिल्म सिटी) कॉम्प्लेक्स के नीचे बनाई जाएंगी। जो कि चरण 3-B का हिस्सा हैं। इसके लिए एक शाफ्ट पहले ही तैयार किया जा चुका है और टनल बोरिंग मशीन (TBM) को अभी उसके अंदर असेंबल किया जा रहा है। म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने हाल ही में काम की प्रगति का जायजा लेने के लिए साइट का दौरा किया।
खुदाई कब शुरू होगी?
जब टनल बोरिंग मशीन के सभी पार्ट्स असेंबल हो जाएंगे, तो साइट पर एक सेफ्टी टेस्ट किया जाएगा। मशीन के निरीक्षण और सभी सिस्टम के सही ढंग से काम करने की पुष्टि के बाद ही खुदाई का काम शुरू होगा। उम्मीद है कि इस मशीन को असेंबल करने का काम जून के मध्य तक पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही दूसरी टनल बोरिंग मशीन को असेंबल करने का काम भी शुरू हो गया है।
कब पूरा होगा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का काम
आने वाले महीनों में टनलिंग का काम शुरू हो जाएगा। अभी काम चल रहा है और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का लक्ष्य अक्टूबर 2026 तक ट्विन टनल को चालू करना है। उम्मीद है कि पूरा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड दिसंबर 2028 तक खुल जाएगा। यह लिंक रोड कुल 12.20 किलोमीटर लंबा है और इससे मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच यात्रा का समय कम हो जाएगा।
लिंक रोड का रूट कैसा होगा?
लिंक रोड प्रोजेक्ट का सबसे महत्वाकांक्षी चरण संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से गुजरने वाली ट्विन टनल का निर्माण है। ये सुरंगें 4.70 किलोमीटर लंबी होंगी और हर सुरंग में तीन लेन होंगी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 14,000 करोड़ रुपये है। यह मुंबई का चौथा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर होगा, जो वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बीच सीधा संपर्क बनाएगा।
20 से 25 मिनट में पूरी होगी 75 मिनट की यात्रा
यात्री सीधे पूर्व से पश्चिम की ओर यात्रा कर सकेंगे और जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड और पवई जैसे ट्रैफिक जाम वाले इलाकों से बच सकेंगे। इस रूट से यात्रा का समय 75 मिनट से घटकर 20 से 25 मिनट के बीच रह जाएगा। पहले दो चरणों में मौजूदा सड़कों को चौड़ा करना और कुछ जगहों पर पुल बनाना शामिल है।
तीसरे फेज में क्या?
तीसरे चरण में ट्विन टनल शामिल हैं। नेशनल पार्क और आरे कॉलोनी के नीचे से गुजरने वाली यह सुरंग गोरेगांव में फिल्म सिटी से शुरू होकर मुलुंड में खिंडीपाड़ा तक जाएगी। चौथे और आखिरी चरण में नाहुर और ऐरोली को जोड़ने वाला एक फ्लाईओवर शामिल है।

