मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घर के आंगन में खेल रहा एक वर्षीय मासूम पिलर के लिए खोदे गए 10 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। पुलिस और ग्रामीणों ने दो घंटे के रेस्क्यू के बाद बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया।
10 फीट गहरे गड्ढे में गिरा एक साल का मासूम
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चुआ में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां रहने वाले बाबू केवट का एक वर्षीय बेटा शिवेंद्र केवट सुबह करीब 6 बजे घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान वह मकान निर्माण के लिए खोदे गए पिलर के करीब 10 फीट गहरे और महज 1 फीट चौड़े संकरे गड्ढे में अचानक गिर गया।
बच्चे के अचानक गायब होने और गड्ढे के अंदर से रोने की आवाज आने पर परिजनों को घटना का पता चला, जिसके बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना गोविंदगढ़ थाना पुलिस को दी।
समानांतर गड्ढा खोदकर चलाया गया रेस्क्यू
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गोविंदगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह राठौड़ पुलिस बल के साथ बिना वक्त गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचे। चूंकि गड्ढा महज एक फीट चौड़ा था, इसलिए बच्चे को सीधे ऊपर खींचना बेहद जोखिम भरा और नामुमकिन था। पुलिस ने तुरंत सूझबूझ का परिचय दिया और ग्रामीणों की मदद से उस पिलर के गड्ढे के बगल में एक दूसरा पैरेलल गड्ढा खोदना शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत और बेहद सावधानीपूर्वक की गई खुदाई के बाद पुलिस टीम नीचे से बच्चे तक पहुंचने में कामयाब रही और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
डॉक्टरों ने बच्चे को बताया पूरी तरह स्वस्थ
गड्ढे से बाहर निकालने के तुरंत बाद पुलिस सुरक्षा में मासूम शिवेंद्र को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उसका गहन मेडिकल परीक्षण किया। गोविंदगढ़ थाना प्रभारी अरविंद राठौड़ ने बताया कि डॉक्टरों ने बच्चे को पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित घोषित किया है, जिसके बाद उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। दो घंटे तक चले इस जिंदगी और मौत के संघर्ष के बाद जब बच्चा सुरक्षित मां की गोद में पहुंचा, तो परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने रीवा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और हौसले का दिल से आभार जताया है।

