मानसून नजदीक आते ही चातुर्मास बिगाड़ने के लिए सक्रिय हुए गिरोह का काला कारोबार ध्वस्त; फेक फोटो के दम पर करोड़ों रुपये ऐंठने की साजिश का पर्दाफाश होते ही जैन समाज आर-पार की लड़ाई के मूड में!
अंकलेश्वर/सूरत। पूजनीय जैन संतों को सोशल मीडिया पर फेक और मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) तस्वीरों के जरिए बदनाम कर, समाज में डर का माहौल पैदा करके करोड़ों रुपये वसूलने की घिनौनी साजिश रचने वाले शातिर गैंग की उल्टी गिनती अब शुरू हो चुकी है। सूरत वेसु के आचार्य श्री सागरचंद्रसागरसूरीश्वरजी महाराज साहब को 100\% क्लीनचिट मिलने के बाद, इन साजिशकर्ताओं के खिलाफ अब मध्य प्रदेश में आधिकारिक पुलिस शिकायत दर्ज हो चुकी है। अखबारों और सोशल मीडिया की आड़ में ब्लैकमेलिंग का ऑर्गनाइज्ड (संगठित) नेटवर्क चलाने वाले जगत पारेख, हार्दिक हुंडिया, विक्रम बाफना और कल्पेश सिंघवी के खिलाफ कानून का शिकंजा कसते ही पूरे गैंग में हड़कंप मच गया है।
पापों का घड़ा भरा, अब जेल की सलाखें गिनेंगे: आपराधिक इतिहास वाला जगत पारेख बेनकाब!
इस पूरी सिंडिकेट का मुख्य सरगना जगत पारेख खुद गहरे आपराधिक बैकग्राउंड (पृष्ठभूमि) से ताल्लुक रखता है। जिस पर पहले से ही कई पुलिस मामले दर्ज हैं, ऐसा हिस्ट्रीशीटर तत्व आज जैन समाज की आस्था और संतों की गरिमा पर प्रहार करने की औकात दिखा रहा है! साजिशकर्ताओं ने सोचा था कि वे पीत पत्रकारिता और झूठे वायरल संदेशों से डर का माहौल बनाकर मुनिश्री से मोटी रकम वसूल लेंगे। लेकिन, गच्छाधिपति श्री नरदेवसागर सूरीश्वरजी महाराज साहब द्वारा कराई गई हाई-लेवल फोरेंसिक जांच में इस गैंग के झूठ का पर्दाफाश हो गया है और वायरल की गई तस्वीरें 100\% फेक साबित हुई हैं।
मध्य प्रदेश पुलिस एक्शन मोड में: कानूनी शिकंजा कसा
झूठ पकड़े जाने के बाद भी यह निर्लज्ज गैंग सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाना जारी रखे हुए था, इसलिए अब उनकी पापलीला का अंत करने के लिए कानून का सहारा लिया गया है। मध्य प्रदेश में चातुर्मास शुरू होने जा रहा है, जिसे टारगेट करने के लिए यह गैंग फिर से सक्रिय हुआ था, लेकिन इस बार पासा उल्टा पड़ गया। मध्य प्रदेश में दर्ज इस FIR के तहत पुलिस अब इस ब्लैकमेलिंग गैंग के आईपी एड्रेस, सोशल मीडिया अकाउंट्स और उनके संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के संगठित अपराध और संतों की मानहानि करने के लिए इन सभी आरोपियों को लंबी जेल की सजा होना तय है।
MP पुलिस की FIR यानी साजिशकर्ताओं के लिए ‘द एंड’
कानूनी प्रहार: मध्य प्रदेश में इस शातिर गैंग के खिलाफ गैर-जमानती और सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज।
मुख्य निशाना: हिस्ट्रीशीटर जगत पारेख और पत्रकारिता के नाम पर कलंक बना हार्दिक हुंडिया अब पुलिस के आधिकारिक रडार पर।
सबूत गायब, साजिश हाजिर: गच्छाधिपति के समक्ष सबूत देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ गिरोह अब पुलिस के थर्ड डिग्री सवालों का सामना करेगा।
नई छटपटाहट: जेल के डर से कांप रहे साजिशकर्ता अब पुरानी खबरों और तोड़-मरोड़ कर पेश की गई कतरनों को वायरल कर अपनी साख बचाने की आखिरी नाकाम कोशिशें कर रहे हैं।
महानगर मेट्रो का तीखा आक्रोश और खुला चैलेंज:
जैन शासन की एकता, शांति और पूजनीय संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वाले इन अधर्मी और भ्रष्ट तत्वों को अब समाज से बहिष्कृत करने का समय आ गया है। ब्लैकमेलिंग के इस जहरीले गठबंधन का शिकार बनने के बजाय पूरा जैन समाज अब जागृत हो चुका है और आर-पार की लड़ाई के मूड में है।
मध्य प्रदेश पुलिस की यह FIR तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है! जब तक पूरा ब्लैकमेलर गैंग हथकड़ी पहनकर जेल की सलाखों के पीछे नहीं धकेला जाएगा, तब तक सत्य की यह भीषण लड़ाई रुकेगी नहीं। कानून के रखवाले अब इन दरिंदों का खात्मा करके ही दम लेंगे!

