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होरमुज़ जलडमरूमध्य में गुजरात के जहाज पर हमला: मौत से 10 घंटे तक की जंग, एक नाविक शहीद

दुबई/अहमदाबाद : होरमुज़ की जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में गुजरात के एक मालवाहक जहाज पर हुए भीषण हमले ने समुद्री सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में गुजरात के एक साहसी नाविक की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हमले के बाद बाकी खलासी (crew) ने समुद्र के बीच जो 10 घंटे बिताए, वह किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं थे।

हमला कैसे हुआ? (The Attack) : प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब जहाज रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहा था।

अचानक घेराबंदी: प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध हमलावरों ने तेज रफ्तार नौकाओं (Speed boats) के जरिए जहाज को चारों तरफ से घेर लिया।
अंधाधुंध फायरिंग: बिना किसी चेतावनी के हमलावरों ने जहाज के ब्रिज और डेक की ओर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इसी दौरान एक गोली भारतीय नाविक को जा लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
विस्फोटकों का इस्तेमाल: जहाज को रोकने के लिए छोटे विस्फोटकों का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे जहाज के कुछ हिस्सों में आग लग गई और चार अन्य खलासी मलबे और छर्रों की चपेट में आकर घायल हो गए।

10 घंटे का वो खौफनाक संघर्ष

जब हमलावर जहाज को नुकसान पहुँचाकर वहां से भाग निकले, तब असली संघर्ष शुरू हुआ। घायल खलासी और बचे हुए चालक दल के लिए वे 10 घंटे किसी नर्क से कम नहीं थे:

1 जीवन और मृत्यु के बीच: हमलावरों के जाने के बाद जहाज का संचार तंत्र (Communication system) पूरी तरह ठप हो गया था। घायल नाविक खून से लथपथ थे, लेकिन उनके पास तत्काल कोई चिकित्सा सहायता नहीं थी।
2 जहाज को डूबने से बचाना: हमले के कारण इंजन रूम और डेक के निचले हिस्सों में पानी भरने लगा था। बचे हुए खलासी अपने साथी के शव और घायल मित्रों के साथ, एक तरफ पंप से पानी बाहर निकाल रहे थे और दूसरी तरफ समुद्री लहरों से लड़ रहे थे।
3 मदद की गुहार: लगभग 8 घंटों के संघर्ष के बाद, एक इमरजेंसी रेडियो सिग्नल पास से गुजर रहे एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक जहाज तक पहुँचा।
4 रेस्क्यू ऑपरेशन: अगले 2 घंटों में राहत और बचाव दल मौके पर पहुँचा और घायलों को हेलीकॉप्टर के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।

परिजनों में शोक की लहर

गुजरात के तटीय जिलों में रहने वाले इन नाविकों के घरों में मातम छाया हुआ है। मृतक नाविक के परिवार ने सरकार से मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और समुद्री रास्तों पर भारतीय जहाजों की सुरक्षा बढ़ाई जाए।

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