स्वामी श्रद्धानंद मर्डर केस: जहां पत्नी को जिंदा दफनाया गया, वहीं ‘नरपिसाच’ पार्टी और डांस करता था
पवन माकन (ग्रुप एडिटर): बेंगलुरु: जुर्म की दुनिया में आपने कई कहानियां सुनी होंगी, लेकिन स्वामी श्रद्धानंद (असली नाम: मुरली मनोहर मिश्रा) नाम के इस आदमी ने जो बेरहमी की, उसे सुनकर पत्थर दिल आदमी की भी रूह कांप जाए। जिस पत्नी ने उस पर भरोसा करके करोड़ों की प्रॉपर्टी सौंपी, उसी पत्नी को आंगन में जिंदा दफना दिया और यह कातिल महीनों तक उसकी कब्र पर पार्टी करता रहा!
प्यार, दौलत और फिर धोखा
घटना की डिटेल्स ये हैं कि श्रद्धानंद ने शकरेह खलीली से शादी की थी, जो बेंगलुरु के शाही परिवार से ताल्लुक रखती थी। शकरेह के पास करोड़ों की प्रॉपर्टी थी, जिसे हड़पने के लिए श्रद्धानंद ने साजिश रची थी। 1991 में उसने अपनी पत्नी को ड्रग्स देकर बेहोश कर दिया और आंगन में खोदे गए गहरे गड्ढे में ज़िंदा दफ़ना दिया।
कब्र पर डांस और पार्टियां
इस मर्डर के बाद श्रद्धानंद इतना बेफ़िक्र हो गया कि उसने उस आंगन में पक्का फ़्लोरिंग करवा दिया जहाँ उसकी पत्नी दफ़नाई गई थी। उसी जगह पर वह अपने करीबी दोस्तों और मेहमानों के साथ पार्टी करता था, शराब की पार्टियां करता था और देर रात तक डांस करता था। यह आदमी उस ज़मीन पर बेशर्मी से डांस करता था जहाँ उसकी पत्नी आखिरी सांस ले रही थी।
एक ‘गलती’ और पुलिस की सख्ती
श्रद्धानंद ने दुनिया को बताया था कि शकरेह हैदराबाद चली गई है। लेकिन जब वह सालों तक वापस नहीं आई, तो उसकी बेटी ने पुलिस में शिकायत कर दी। श्रद्धानंद की सबसे बड़ी गलती यह थी कि वह बार-बार दोहराता रहा कि शकरेह ने उसे चिट्ठियां लिखी थीं, लेकिन वह कभी उन चिट्ठियों को दिखा नहीं पाया।
पुलिस को शक हुआ और जब आंगन में खुदाई की गई, तो जो मंज़र सामने आया उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। शकरेह की खोपड़ी ज़मीन के नीचे से मिली। फोरेंसिक जांच से पता चला कि जब उसे दफनाया गया था, तब वह ज़िंदा थी, क्योंकि उसके हाथ खोपड़ी की जगह पर थे, जैसे वह ज़मीन खोदने की कोशिश कर रही हो!
इंसाफ़ का हथौड़ा
इस केस में, श्रद्धानंद को पहले मौत की सज़ा सुनाई गई थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया। अभी, यह हत्यारा जेल की सलाखों में सज़ा काट रहा है।

