दिल्ली की अदालत ने सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में कथित तौर पर भारतीय नागरिकता से पहले नाम दर्ज होने के मामले में शिकायतकर्ता को अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की अनुमति दी है। अधिवक्ता विकास त्रिपाठी की शिकायत पर अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में कथित तौर पर भारतीय नागरिकता हासिल करने से पहले नाम दर्ज होने के मामले में दिल्ली की अदालत ने शिकायतकर्ता को अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की अनुमति दे दी है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को तय की है। शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत से रिकॉर्ड पर और सबूत रखने के लिए समय मांगा था।
यह शिकायत अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने दर्ज कराई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि इतालवी मूल की सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल था, जबकि उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी। शिकायत के मुताबिक, उनका नाम 1982 में मतदाता सूची से हटा दिया गया था और 1983 में दोबारा जोड़ दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि नाम दोबारा शामिल किए जाने के समय भी सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं बनी थीं।
सेशंस कोर्ट ने पहले ACJM के आदेश को पलटा था
इस मामले में सितंबर 2026 में सेशंस कोर्ट ने ACJM अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार किया गया था। सेशंस जज विशाल गोगने ने विकास त्रिपाठी की अपील स्वीकार करते हुए कहा था कि ACJM का फैसला रिकॉर्ड के एक अप्रमाणित फोटोकॉपी दस्तावेज पर आधारित था। उन्होंने इस आदेश को ‘नॉन-स्पीकिंग’ यानी पर्याप्त कारणों के बिना दिया गया आदेश बताया था।
जज ने क्या कहा था?
जज गोगने ने यह भी जिक्र किया था कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर ACJM अदालत की टिप्पणियों को भी अनुचित बताया था।
क्या है सोनिया गांधी का वोटर लिस्ट विवाद?
यह मामला कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में दर्ज होने के आरोप से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता विकास त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिक बनने से पहले ही दिल्ली की वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया था। इसी आधार पर उन्होंने अदालत में शिकायत दर्ज कराई है।

