दिल्ली के कालकाजी आस्था कुंज पार्क में नाबालिग के साथ गैंगरेप केस में पुलिस चार्जशीट बनाने की तैयारी कर रही है. पुलिस अगले एक सप्ताह के भीतर 500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल करने वाली है. इसमें सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड शामिल हैं.
दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. दिल्ली पुलिस इस मामले में अगले एक सप्ताह के भीतर 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर सकती है.
जांच अधिकारियों ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस को बेहद मजबूत बनाने के लिए टाइम-स्टैम्प्ड सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक सबूतों, गवाहों के बयानों और टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) का सहारा लिया है.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस चार्जशीट में ऑपरेटिव पार्ट लगभग 75 पन्नों का है. इसमें पीड़िता और उसके पुरुष मित्र सहित लगभग 60 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं. इसके अलावा, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सहित लगभग 50 दस्तावेज भी चार्जशीट का हिस्सा हैं.
मामले की निगरानी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं और केस की प्रभावी पैरवी के लिए एक स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति की गई है.
300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच
जांच में आस्था कुंज पार्क और आसपास के इलाकों में लगे 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. चार्जशीट में आरोपियों की गतिविधियों और उनके घर लौटने की समय-सीमा दर्ज सीसीटीवी फुटेज जोड़ी गई है. केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) के मौके से जुटाए गए वैज्ञानिक सबूत, आरोपियों के कपड़े और टीआईपी कार्यवाही के रिकॉर्ड भी सबूत के तौर पर शामिल हैं.
आरोपियों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी, जिसे रिकवर करने की कोशिश जारी हैं.
22 सितंबर को हुई थी वारदात, तीनों आरोपी जेल में
बता दें कि 22 सितंबर को एक 17 साल की लड़की अपने दोस्त के साथ अपने जन्मदिन पर कालकाजी मंदिर गई थी. बाद में दोनों आस्था कुंज पार्क चले गए, जहां तीनों आरोपियों ने चाकू की नोक पर उन्हें धमकाया और अलग-अलग सुनसान जगहों पर ले जाकर लड़की के साथ यौन उत्पीड़न किया.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों- आसिफ, हेमंत और महेश को गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वो घायल हो गया था. फिलहाल तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) (सामूहिक दुष्कर्म), 61(2) (आपराधिक साजिश), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 6 और 17 के तहत मामला दर्ज किया है.

