प्राचीन हिंदू महाकाव्य रामायण पर बेस्ड भारतीय सिनेमा में अब तक की सबसे महंगी और भव्य फिल्म ‘रामायणम्’ में मां सीता के सीन पर विवाद हो रहा है, जिसमें उन्हें फाइट सीन करते हुए दिखाया गया है। लोगों ने इस सीन की आलोचना की है।
भारतीय सिनेमा में अब तक की सबसे महंगी और भव्य फिल्म ‘रामायणम्: राइज ऑफ ए लेजेंड’ रिलीज हो गई है जो प्राचीन हिंदू महाकाव्य रामायण पर बेस्ड है। इस फिल्म का लार्जर देन लाइफ वाले स्केल ने देश से लेकर विदेशों में भी लोगों की ध्यान खींचा है। इसे भारत में बनी हॉलीवुड के टक्कर की फिल्म कही जा रही है। फिल्म में भगवान राम के रोल के लिए रणबीर और रावण के किरदार में यश अब तक काफी तारीफें बटोर चुके हैं। वहीं मैया सीता के रोल में साई पल्लवी के एक्शन सीन पर लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। फिल्म के एक सीन में दानवों के साथ लड़ते भगवान राम के अलावा सीता भी एक्शन सीन में नजर आ रही हैं, जिसे लेकर लोगों ने आलोचनाएं सुरू कर दी हैं। हालांकि, मेकर्स के पास इस सवाल का तगड़ा जवाब है।
कई लोग इसे रामायण के फैक्ट्स से छेड़छाड़ मान रहे हैं क्योंकि उनका कहना है कि सीता ने कभी भी भगवान राम के साथ मिलकर ऐसी कोई लड़ाई नहीं लड़ी। फिल्म के इस सीन पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है।
‘रामायण का एक और फ्रॉड या मुझे कहना चाहिए स्कैम्याणा है’
एक यूजर ने इस सीन पर आपत्ति जताते हुए लिखा है, ‘रामायणम् का एक और फ्रॉड या मुझे कहना चाहिए स्कैम्याणा है। इस फिल्म में हम यहां सीता मां को लड़ते हुए देख रहे हैं, जो श्री राम को खर और दूषण की 14,000 दानवों की सेना से लड़ने में मदद कर रही हैं, जबकि शास्त्रों के मुताबिक श्री राम ने उन सभी से अकेले ही लड़ाई लड़ी थी, और लक्ष्मण और सीता मां को भगा दिया था।’
‘ भगवान राम ने अकेले ही पूरी सेना से युद्ध किया था’
एक और यूजर ने इस सीन पर हैरानी जताते हुए कहा है, ‘ भगवान राम ने अकेले ही पूरी सेना से युद्ध किया था। मां सीता स्त्री थीं और भगवान राम उन्हें कभी युद्ध के मैदान में नहीं जाने देंगे।’
‘फिल्म में तोड़-मरोड़कर दिखाया कि सीता ने भी राम के साथ लड़ाई लड़ी’
एक अन्य ने कहा है, ‘भगवान राम ने बदला लेने के लिए सूर्पणखा के भाई खर के भेजे 14000 राक्षसों को हराया था। अकेले राम ने राक्षसों की सेना को हराया था। रामायणम् मूवी में उन्होंने इस बात को तोड़-मरोड़कर दिखाया कि सीता ने भी राम के साथ लड़ाई लड़ी थी।’
‘सीता अपने 14 साल के वनवास के दौरान राक्षसों के खिलाफ कोई लड़ाई नहीं लड़ी”
वहीं अगर वाल्मीकि रामायण की बात करें तो इसमें भी ऐसे किसी फैक्ट्स का जिक्र नहीं है। सीता अपने 14 साल के वनवास के दौरान राक्षसों के खिलाफ किसी भी लड़ाई में राम के साथ नहीं लड़ी हैं। लक्ष्मण ने सूर्पणखा की नाक काटी थी और राम-लक्ष्मण ने मिलकर लड़ाई लड़ी थी।
राजकुमारी के रूप में दिखाने के लिए ‘अद्भुत रामायण’ से प्रेरणा ली
नितेश तिवारी ने कहा कि उन्होंने सीता को एक योद्धा राजकुमारी के रूप में दिखाने के लिए ‘अद्भुत रामायण’ से प्रेरणा ली, जबकि भगवान राम के दिव्य स्वरूप को अपरिवर्तित रखा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शास्त्रों को अपरिवर्तित रखा गया है, केवल रामायण की दुनिया के निर्माण में रचनात्मक स्वतंत्रता ली गई है।
‘मां सीता का कहीं न कहीं योद्धा वाला रूप है’
हाल ही में लॉस एंजिल्स में फिल्म का प्रीमियर आयोजित किया गया था जहां फिल्ममेकर ने इंटरनेशनल मीडिया से बातचीत की थी और कहा था,’उनकी फिल्म में भी एक्शन है। हम इस बारे में बहुत क्लियर हैं कि कुछ चीजें हैं, कुछ कैरेक्टर हैं जहां हम लिबर्टी ले सकते हैं और कुछ कैरक्टर हैं जहां हमें कोई लिबर्टी नहीं लेनी चाहिए। तो, भगवान राम की तरह, आप जानते हैं, हमारे देश में जो भी वर्जन हैं, उसमें वह भगवान राम हैं। मां सीता का कहीं न कहीं योद्धा वाला रूप है। अद्भुत रामायण में उन्हें एक योद्धा राजकुमारी के रूप में दिखाया गया है।’ फिल्ममेकर ने कहा कि वह एलिमेंट हमने वहीं से लिया, जो एक किरदार के तौर पर उनके लिए एक अच्छा डायमेंशन जोड़ता है।’

