महाराष्ट्र के ठाणे में शराब पीने के दौरान हुए झगड़े में एक शख्स ने दोस्त की हत्या कर दी। हत्या के 20 दिन बाद वह थाने पहुंचा। आरोपी ने खुलासा किया कि मृतक बार-बार उसके सपने में आ रहा था और इस वजह से वह काफी डरा हुआ है। उसे गिरफ्तार कर लिया जाए।
ठाणे : डोंबिवली पश्चिम में एक व्यक्ति की हत्या हो गई थी। घटना लगभग तीन सप्ताह तक छिपी रही। किसी को कुछ भनक नहीं लगी। लेकिन अब कुछ ऐसा हुआ कि आरोपी खुद थाने पहुंचा और उसने हत्या का बात स्वीकार की। पुलिस स्टेशन पहुंचे शख्स ने सरेंडर करते हुए कहा कि उसने अपने दोस्त की हत्या की है। अब वह रोज रात को उसके सपने में आता है। वह पूरी-पूरी रात सो नहीं पाता है। उसकी हालत पागलों जैसी हो गई है। इसके बाद पुलिस ने एक खाड़ी के पास से मृतक का शव बरामद किया।
पुलिस ने बताया कि शख्स के कबूलनामे के बाद एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिस पर शव को ठिकाने लगाने में मदद करने का संदेह है। पुलिस ने बताया कि 42 वर्षीय विशाल कदम की कथित तौर पर उसके करीबी दोस्त, 24 वर्षीय प्रभु करकाडे ने हत्या कर दी थी।
तीसरा शख्स मकान मालिक
यह घटना मोथागांव इलाके के एक घर में शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद हुई। जिस दूसरे शख्स को शव ठिकाने लगाने की भूमिका में गिरफ्तार किया गया है, वह प्रभु करकाडे के मकान मालिक 42 वर्षीय संदेश म्हात्रे हैं।
ऐसे हत्या के बाद शव ठिकाने लगाया
पुलिस के अनुसार, यह घटना लगभग 20 दिन पहले हुई थी, जब प्रभु करकाडे और विशाल कदम, संदेश म्हात्रे के घर पर शराब पी रहे थे। दोनों दोस्तों के बीच झगड़ा हुआ, जो बाद में हिंसक मारपीट में बदल गया। करकाडे द्वारा बुरी तरह पीटे जाने के बाद कदम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद प्रभु करकाडे ने कथित तौर पर मदद के लिए संदेश म्हात्रे से संपर्क किया। पुलिस को संदेह है कि दोनों ने कदम के शव को एक बोरे में भरा और अपराध छिपाने के इरादे से कोपर रोड पर मोथागांव खाड़ी के पास एक सुनसान जगह पर फेंक दिया।
पुलिस ने बरामद किया शव
मामले में तब बड़ा मोड़ आया जब सोमवार सुबह करकाडे ने ठाणे क्राइम ब्रांच कार्यालय में सरेंडर कर दिया। क्राइम ब्रांच ने विष्णु नगर पुलिस स्टेशन को सूचित किया, जिसके अधिकार क्षेत्र में यह इलाका आता है। पूछताछ के दौरान प्रभु करकाडे ने कथित तौर पर अपना अपराध कबूल कर लिया और बताया कि शव कहां फेंका गया था। इसके बाद पुलिस की टीमें उस जगह पहुंचीं और शव बरामद किया। बाद में, डोंबिवली पश्चिम स्थित उसके घर से म्हात्रे को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस स्टेशन पहुंचकर किया सरेंडर
सहायक पुलिस आयुक्त विजय मराठे ने बताया कि हत्या के बाद से आरोपी को नींद नहीं आ रही थी। आरोपी ने बताया कि वह सो नहीं पा रहा था क्योंकि उसका दोस्त बार-बार उसके सपनों में आ रहा था। इसलिए उसने पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया। हमारी टीमों ने उसके बताए स्थान से शव बरामद किया और उस मकान मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसने शव को ठिकाने लगाने में कथित तौर पर मदद की थी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बहस किस वजह से शुरू हुई और क्या शव को ठिकाने लगाने में कथित तौर पर मदद करने के अलावा, इस मामले में म्हात्रे की कोई और भूमिका भी थी। जांचकर्ता हत्या से जुड़ी परिस्थितियों और उसके बाद अपराध को छिपाने की कोशिशों की भी जांच कर रहे हैं। दोनों आरोपियों को कल्याण की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

