महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ NCP की प्रमुख सुनेत्रा पवार की अनुपस्थिति में उनकी ही पार्टी के सीनियर नेताओं की दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई। इसके अगले ही दिन दक्षिण मुंबई में सुनेत्रा पवार ने अपने सरकारी आवास ‘देवगिरि’ में बैठक बुलाई। इस बैठक में पार्थ पवार भी शामिल हुए।
मुंबई : अजित पवार गुट की एनसीपी में फूट बढ़ती जा रही है। पार्टी के फैसलों में राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार की बढ़ती भूमिका को लेकर एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं में असंतोष है। मंगलवार को मुंबई में अपने सरकारी आवास पर पार्टी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा हुई। यह बैठक रात 10.30 बजे खत्म हुई। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा, बल्कि उनका पूरा ध्यान राज्य के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति और दिवाली के बाद मंत्रियों द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर रहा।
सुनील तटकरे ने कहा कि पार्टी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट होकर काम कर रही है। कुछ विधायकों ने शिकायत की कि उन्हें सरकारी विभागों से पर्याप्त फंड नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या वित्त विभाग का प्रभार वापस एनसीपी को मिलेगा।
पार्थ पवार का हस्तक्षेप बढ़ा
बैठक में मौजूद सदस्यों ने पार्टी पदों पर हाल ही में हुई नियुक्तियों और पार्थ पवार के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। एनसीपी के एक वरिष्ठ विधायक ने TOI को बताया कि अजीत पवार के निधन के बाद, पार्टी ने सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को अपना नया प्रमुख चुना था। लेकिन, पार्टी के कामकाज में पार्थ पवार का दखल बढ़ने से समस्याएं शुरू हो गईं। वे वरिष्ठ नेताओं को भरोसे में लिए बिना लगभग हर फैसले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
‘पुराने लोगों को किनारे करना चाहते हैं पार्थ पवार’
एनसीपी के पदाधिकारियों के अनुसार, बार-बार आग्रह करने के बावजूद सुनेत्रा पवार ने स्थिति सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। एनसीपी के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर और मुंबई में कुछ नियुक्तियां की गईं, जिन पर सबकी सहमति नहीं थी। पार्टी के भीतर चर्चा है कि पार्थ पवार राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल के जरिए कुछ पुराने सदस्यों को किनारे करके नए चेहरों को लाना चाहते हैं। एनसीपी में हुई इन कुछ नियुक्तियों के बाद, एनसीपी के प्रमुख नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
जीशान सिद्दीकी और बृजेश श्रीवास्तव की नियुक्ति पर सबसे ज्यादा विवाद
एनसीपी के इस वरिष्ठ नेता का इशारा पिछले हफ्ते हुई उन नियुक्तियों की ओर था, जिनमें उमेश पाटिल को बृजेश श्रीवास्तव की जगह पार्टी का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया और जीशान सिद्दीकी को मुंबई NCP का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, ये फैसले वरिष्ठ नेताओं से सलाह लिए बिना पार्थ पवार ने अकेले लिए थे। एनसीपी मंत्री छगन भुजबल ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें इन नियुक्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उन्हें इसके बारे में मीडिया रिपोर्टों से पता चला।
मंगलवार की बैठक का नतीजा क्या रहा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई बदलाव फिर से शुरू कर दिए गए हैं। इनमें मुंबई स्थित पार्टी कार्यालय में ‘जनता दरबार’ लगाना और विधायकों (MLAs) व विधान परिषद सदस्यों (MLCs) के साथ साप्ताहिक बैठकें करना शामिल है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, ये बदलाव सोमवार को हुई कोर कमिटी की बैठक के एजेंडे का हिस्सा थे।
अमित शाह से मिले थे एनसीपी के ये नेता
हालांकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से आंतरिक कलह को कम करके दिखाने की कोशिश की है। लेकिन वरिष्ठ नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर TOI को बताया कि पिछले कई महीनों से पार्टी के भीतर नाराजगी पनप रही थी। NCP के भीतर यह आंतरिक कलह तब सामने आई, जब वरिष्ठ सदस्यों के एक समूह ने दिल्ली में पार्टी प्रमुख सुनेत्रा और पार्थ पवार के बिना अमित शाह से मुलाकात की। शाह के साथ हुई इस बैठक में राज्यसभा सांसद और NCP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, मंत्री भुजबल और हसन मुश्रीफ, पूर्व मंत्री दिलीप वलसे पाटिल और धनंजय मुंडे, तथा पूर्व विधायक समीर भुजबल शामिल थे।
अमित शाह से क्या हुई बात?
अमित शाह के साथ हुई इस मुलाकात के बाद मुंबई में बातचीत का एक और दौर चला। इसके बाद सुनेत्रा ने अपने आधिकारिक आवास ‘देवगिरी’ पर कोर कमिटी की बैठक बुलाई। अमित शाह के साथ बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ सदस्य ने TOI को बताया कि गृह मंत्री के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। उस बैठक और कोर कमिटी की बैठक के आधार पर, चार पन्नों का एक एजेंडा तय किया गया है। इस वरिष्ठ NCP सदस्य ने इस बात से इनकार किया कि शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP के साथ विलय की संभावनाओं पर कोई चर्चा हुई है।
सुनेत्रा पवार डैमेज कंट्रोल में जुटीं
जहां एक तरफ सुनेत्रा डैमेज-कंट्रोल (नुकसान की भरपाई) की कोशिश कर रही हैं, वहीं NCP का दूसरा गुट विरोधी खेमे की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है। शरद पवार अभी पुणे के एक अस्पताल में भर्ती हैं। NCP (SP) के पदाधिकारियों का कहना है कि NCP में चल रही मौजूदा उथल-पुथल में उनकी कोई भूमिका नहीं है। NCP (SP) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने TOI को बताया, “पिछले कुछ महीनों में NCP के कई विधायकों ने शरद पवार से मुलाकात की है, लेकिन ये मुलाकातें उनकी निजी हैसियत से थीं। शरद पवार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे NDA में शामिल नहीं होंगे, लेकिन हमें संदेह है कि क्या उनमें से कोई विधायक सरकार छोड़कर विपक्ष में हमारे साथ आएगा।

