Homeभारतगुजरातयूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में दिवाली पर 'वसूली': P.I. S.R. बावा साहेब के...

यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में दिवाली पर ‘वसूली’: P.I. S.R. बावा साहेब के नाम पर पैसे वसूलते हुए वीडियो में पुलिसवाला कैद!

“मुझे अपने दिवाली के पैसे दो!”: वायरल वीडियो में ‘सचिनभाई’ का नाम बार-बार आने पर विवाद, शिकायत मिलने के बाद भी P.I. साहेब की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है

खाकी वर्दी को शर्मसार करने वाली और पुलिस सिस्टम के भ्रष्ट चेहरे को सामने लाने वाली एक और चौंकाने वाली घटना ने अहमदाबाद शहर में हलचल मचा दी है। त्योहारों का मौसम आते ही कानून के रखवाले कैसे शिकारी बन जाते हैं और वसूली पर उतर आते हैं, इसका एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हुआ है। अहमदाबाद के पॉश इलाके माने जाने वाले यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन की हद में एक पुलिसवाला खुलेआम बावा साहेब के नाम पर ‘दिवाली के पैसे’ वसूलते हुए कैमरे में कैद हुआ है!

पूरे वीडियो में क्या है? “मुझे अपने दिवाली के पैसे दो!”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे धमाकेदार वीडियो की डिटेल्स के मुताबिक, यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसवाला सीधे व्यापारियों या लोकल लोगों के पास जाकर अकड़ और घमंड से कह रहा है, “यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन के P.I. श्री S.R. बावा साहेब, मुझे अपने दिवाली के पैसे दे दो!”

त्योहार के नाम पर यूनिफॉर्म का गलत हिस्सा दिखाकर इस खुलेआम वसूली से व्यापारियों में बहुत गुस्सा और डर है। पुलिस पोस्ट या पुलिस स्टेशन के नाम पर या बोनस के नाम पर खुलेआम पैसे वसूलने की इस हरकत ने पूरी अहमदाबाद पुलिस की इमेज पर बड़ा दाग लगा दिया है।

P.I. S.R. बावा साहेब की चुप्पी: सहमति या ज़बरदस्ती?

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला और विवादित मोड़ तब आया जब पूरी घटना की जानकारी यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन के P.I. S.R. बावा साहेब को दी गई। एक छोटे लेवल के कर्मचारी द्वारा खुलेआम अपने नाम पर कैश मांगने की डिटेल्स होने के बावजूद, P.I. साहेब इस मामले में कोई सख्त एक्शन लेने के बजाय चुप रहे!

सवाल यह उठता है कि P.I. साहब को यह जानते हुए भी चुप क्यों रहना पड़ा कि उनके नाम पर वसूली हो रही है? क्या इस चुप्पी के पीछे उनकी अपनी सहमति है या अंदर ही अंदर कोई बड़ा खेल चल रहा है?

यह ‘सचिनभाई’ कौन है? बार-बार नाम आने से सस्पेंस बढ़ा

वायरल वीडियो में वसूली करने वाला पुलिस ऑफिसर बार-बार ‘सचिनभाई’ नाम के किसी व्यक्ति का ज़िक्र कर रहा है। इस डिटेल ने पुलिस फोर्स में बड़ी बहस छेड़ दी है। सवालों का सिलसिला शुरू हो गया है कि:

क्या P.I. साहब का सारा फाइनेंशियल एडमिनिस्ट्रेशन या वसूली का खेल यही ‘सचिनभाई’ सुन रहा है?

क्या यह ‘सचिनभाई’ पुलिस स्टेशन का ही कोई एडमिनिस्ट्रेटिव कर्मचारी है या कोई बाहरी बिचौलिया (स्पूफर)?

पुलिस स्टेशन के नाम पर चल रहे इस रैकेट में आखिर किसकी जेबें भर रही हैं?

पुलिस के बड़े अधिकारियों के सामने सवाल: क्या एक्शन लिया जाएगा? अहमदाबाद सिटी पुलिस कमिश्नर जहां अक्सर करप्शन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करते हैं, वहीं यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में चल रहा यह खुला एक्सटॉर्शन का खेल लॉ एंड ऑर्डर की चिंता बढ़ा रहा है। जनता पूछ रही है कि क्या होम डिपार्टमेंट और पुलिस के बड़े अधिकारी खाकी की आड़ में चल रही इस ‘दिवाली एक्सटॉर्शन’ के खिलाफ तुरंत जांच का आदेश देंगे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे, या हर बार की तरह कागजों पर जांच दिखाकर मामले को दबा दिया जाएगा?

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments