अकड़ू खाकी के खिलाफ गुस्सा फूटा: बदतमीजी करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ वकीलों का ग्रुप गुस्से में लाल हो गया, गुस्साए वकीलों ने एक साथ आकर पुलिस ऑफिसर को तमीज़ सिखाई
अहमदाबाद के ऐतिहासिक भद्रा कोर्ट कंपाउंड से एक बहुत ही चौंकाने वाली और दिलचस्प घटना सामने आई है। क्या होता है जब कोर्ट परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी रखने वाली पुलिस मनमानी पर उतर आती है और कानून के रखवाले ही बदतमीज़ी करने लगते हैं? भद्रा कोर्ट कंपाउंड में मामूली पार्किंग के मुद्दे पर ड्यूटी पर तैनात एक वकील के साथ पुलिस इंस्पेक्टर के बदतमीज़ी करने के बाद बड़ा हंगामा हो गया है। हालांकि, जब वकील आलम इस मामले में चुप नहीं रहे, तो गुस्साए वकीलों ने इकट्ठा होकर इंस्पेक्टर साहब को कानून और पुलिस ऑफिसर होने की हदें सिखाईं।
पूरी घटना की डिटेल्स क्या हैं?
मिली जानकारी के मुताबिक, हमेशा की तरह वकील भद्रा कोर्ट कंपाउंड में अपनी गाड़ियां पार्क करके कोर्ट के काम से अंदर जा रहे थे। इसी दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर ने वहां मौजूद एक वकील से पार्किंग को लेकर बदतमीज़ी से बात शुरू कर दी। मामला तब और गरमा गया जब पुलिस ऑफिसर ने अपनी यूनिफॉर्म का गलत हिस्सा दिखाते हुए वकील के साथ बदतमीज़ी की।
पुलिस इंस्पेक्टर यह भूल गया था कि यह कोई पुलिस स्टेशन या नाकाबंदी पॉइंट नहीं, बल्कि इस देश का इंसाफ़ का मंदिर यानी कोर्ट परिसर है, जहां वकीलों और कोर्ट के अधिकारियों का भी बराबर सम्मान और मर्यादा है। इंस्पेक्टर साहब की यह बदमाशी देखकर आसपास के दूसरे वकील भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए।
“इंस्पेक्टर साहब, यह कोर्ट है, आपका पुलिस स्टेशन नहीं!”
मौके पर जमा हुए गुस्साए वकीलों ने पुलिस इंस्पेक्टर की इस दादागिरी का ज़ोरदार विरोध किया। वकीलों ने इंस्पेक्टर को सच-झूठ साफ-साफ बताया और कहा, “इंस्पेक्टर साहब, यह कोर्ट है, आपका पुलिस स्टेशन नहीं, वरना यहां अपनी मनमानी करोगे! आपको वकीलों के साथ बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया?”
वकीलों की एकता और गुस्सा देखकर पुलिस इंस्पेक्टर अपना आपा खो बैठे और माहौल तनावपूर्ण हो गया। वकीलों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि कोर्ट परिसर में वकीलों या मुवक्किलों के साथ पुलिस का ऐसा गलत व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वकील समुदाय में भारी गुस्सा: जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद एलीट कोर्ट के वकीलों में भारी गुस्सा है। वकीलों की एसोसिएशन ने इस मामले को पुलिस के बड़े अधिकारियों के सामने रखने के लिए कदम उठाए हैं। इस विरोध प्रदर्शन से यह साफ संदेश गया है कि न्याय के मंदिर की पवित्रता और वकीलों की इज्जत की रक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को अपनी हद में रहना चाहिए। यह घटना इस समय शहर भर के वकीलों और पुलिस हलकों में चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।

