मुंबई | विशेष संवाददाता : सपनों की नगरी मुंबई में अपराध के नए और शातिर चेहरों ने धर्म और व्यापार के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है— हार्दिक हुडिया, जगत पारेख और विक्रम बाफना की तिकड़ी ने अपने गिरोह के साथ मिलकर मासूम लोगों को ठगने का एक खतरनाक साम्राज्य खड़ा कर लिया है।
धर्म की आड़ में अधर्म का खेल
इस गिरोह की कार्यप्रणाली इतनी शातिर है कि इन्होंने समाज के सबसे प्रतिष्ठित जैन मुनियों और बड़े हीरा व्यापारियों (Diamond Merchants) को अपना निशाना बनाया। भरोसे की बुनियाद पर टिके इन क्षेत्रों में सेंध लगाकर, ‘हूडिया गैंग’ ने करोड़ों रुपए के ‘तोड़’ (उगाही) को अंजाम दिया है। यह सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का कत्ल है।
करोड़ों का काला साम्राज्य—अब खतरे में
सूत्रों की मानें तो यह गिरोह पिछले काफी समय से मुंबई के रसूखदार इलाकों में सक्रिय है। लाखों-करोड़ों रुपए ऐंठना इनका मुख्य धंधा बन चुका है। लेकिन अब इनके पाप का घड़ा भर चुका है। ‘महानगर मेट्रो’ को मिली जानकारी के अनुसार:
शिकंजा कसा गया: जांच एजेंसियां और सतर्क नागरिक अब इस गिरोह की कुंडली खंगाल रहे हैं।
दस्तावेज तैयार: हार्दिक हुडिया और उसके साथियों की अवैध कमाई और बेनामी संपत्तियों का काला चिट्ठा अब जनता के बीच आने वाला है।
भंडाफोड़ निश्चित: बहुत जल्द इस ‘तोड़बाज़’ गिरोह के चेहरों से नकाब उतरने वाला है।
अधर्म पर धर्म की होगी जीत
हार्दिक हुडिया और उसकी टोली यह न भूले कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और न्याय की चक्की भले ही धीरे चलती है, पर पीसती बहुत बारीक है। मुनियों के आशीर्वाद और व्यापारियों के खून-पसीने की कमाई को लूटने वाले इस गिरोह का अंत अब निश्चित है।जिसने भी धर्म और ईमानदारी को चुनौती दी है, उसका पतन अवश्यंभावी है। हार्दिक हुडिया, तेरे गिरोह का अंत और तेरे काले कारनामों का पर्दाफाश अब होकर रहेगा!”

