अहमदाबाद शहर के पूर्वी इलाके में क्राइम कंट्रोल करने के लिए पुलिस लगातार एक्टिव है, वहीं रामोल पुलिस स्टेशन की टीम ने एक सूचना के आधार पर एक बहुत ही सनसनीखेज और खतरनाक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक ऐसे युवक को पकड़ा है जो हथियार सप्लायर है, जो फिल्मी अंदाज में रामोल से CTM एक्सप्रेस हाईवे पर संदिग्ध तरीके से गुजर रहा था। उसके पास से इतनी बड़ी मात्रा में खतरनाक हथियार मिलने के बाद पूरी पुलिस फोर्स में खलबली मच गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि वह महाराष्ट्र के नासिक से गैर-कानूनी हथियारों की तस्करी करने अहमदाबाद आया था। रामोल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान जाकिरबेग मिर्जा (निवासी नासिक) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके सामान और बैग की जांच करते हुए उसके शरीर से 2 देसी पिस्तौल और 2 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। इंटरस्टेट हथियार सिंडिकेट का पर्दाफाश: भुज और नासिक तक जुड़े हैं तार
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस मामले में एक बड़ा इंटरस्टेट नेटवर्क काम कर रहा है। ये खतरनाक हथियार किसके लिए ऑर्डर किए गए थे और इनका इस्तेमाल कहां होना था, इस बारे में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं:
हथियार किसने ऑर्डर किए?: पुलिस जांच में पता चला है कि कच्छ के भुज के रहने वाले साजिद नोड नाम के एक आदमी ने ये हथियार ऑर्डर किए थे।
हथियार किसने सप्लाई किए?: ये हथियार नासिक के रहने वाले उबैद अंसारी ने ज़ाकिरबेग मिर्ज़ा को सप्लाई किए थे, जो इन हथियारों को गुजरात पहुंचाने निकला था।
रामोल पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है और गिरफ्तार हथियार सप्लायर के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस यह पता लगाने के लिए पूरी जांच कर रही है कि हथियार किसी बड़े गैंग या एंटी-सोशल एलिमेंट्स को डिलीवर किए जाने थे या नहीं, और इस सिंडिकेट से और कौन-कौन जुड़ा है। भुज के साजिद नोड और नासिक के उबैत अंसारी को पकड़ने के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें लगाई गई हैं।

