जैसे-जैसे त्योहार पास आ रहे हैं, अहमदाबाद शहर के पूर्वी इलाके में अपराधियों और तस्करों का आतंक खतरनाक हद तक बढ़ गया है। जहां व्यापारी त्योहारों के मौसम में कुछ पैसे कमाने की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं बापूनगर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में तस्करों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। बापूनगर में अन्नपूर्णा सोसाइटी और उसके आस-पास की सोसाइटियों की मुख्य सड़कों पर बनी दुकानों को निशाना बनाकर तस्कर लाखों रुपये का सामान और कैश लेकर फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, तस्करों ने देर रात अन्नपूर्णा सोसाइटी और उसके आस-पास के कमर्शियल स्कूल के बाहर बनी दुकानों के शटर तोड़कर या अंदर घुसकर चोरी की। तस्कर दुकानों में रखे कैश और कीमती सामान चोरी करने के बाद रात के अंधेरे में फरार हो गए। सुबह जब व्यापारी अपनी दुकानों पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि शटर के ताले टूटे हुए हैं और उनके पैरों तले से ज़मीन खिसक गई।
पुलिस पेट्रोलिंग की पोल खुली, प्रशासन की साज़िश के खिलाफ व्यापारी भड़के
इस घटना से लोकल दुकानदारों और व्यापारियों में बहुत गुस्सा है। प्रभावित दुकानदारों के मुताबिक, ऐसी हालत हो गई है कि त्योहारों के दिनों में नाइट पेट्रोलिंग पूरी तरह से गायब हो गई है। पुलिस की गंभीर लापरवाही और पेट्रोलिंग में कमी की वजह से ही तस्करों को खुली छूट मिली हुई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद व्यापारियों ने तुरंत बापूनगर पुलिस स्टेशन को सूचना दी, लेकिन व्यापारी यह भी गंभीर आरोप लगा रहे हैं कि
घंटों बीत जाने के बाद भी कोई भी पुलिस कर्मचारी या अधिकारी मौके का मुआयना करने या पंचनामा करने नहीं आया है। ऐसी खराब कानून व्यवस्था को देखकर व्यापारियों में डर और दहशत का माहौल है। अब लोकल लोगों और व्यापारियों में बस यही चर्चा चल रही है कि सुस्त और नींद में सोई बापूनगर पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करेगी? क्या पुलिस CCTV फुटेज चेक करके तस्करों को तुरंत सलाखों के पीछे डालेगी? सबकी नज़र इस बात पर है कि बापूनगर पुलिस व्यापारियों के मन से चोरों और असामाजिक तत्वों का डर निकालने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कब सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

