राज्य में जिस तरह से पॉलिटिकल इक्वेशन बदल रहे हैं, उससे यह साफ हो गया है कि सत्ता के नशे में चूर BJP की ज़मीन अब खिसकने लगी है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि BJP नेताओं को अब पब्लिक मीटिंग और रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए बड़े पैमाने पर झूठ का सहारा लेना पड़ रहा है। एक समय था जब सत्ताधारी पार्टी की रैलियों में हंगामा होता था, लेकिन आज हालत यह है कि रैलियों में जाने के लिए पैसे देने के बावजूद आम जनता या नागरिक BJP के मंच पर कदम रखने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं।
हालात इतने खराब हो गए हैं कि जो पार्टी हमेशा अपनी ताकत का दावा करती थी, वह आज अपने बेसिक नेटवर्क पर निर्भर हो गई है। मौजूदा हालात को देखकर ऐसा लगता है कि अब पार्टी के आम कार्यकर्ता, पेज प्रेसिडेंट और पदाधिकारी भी पब्लिक में ऐसी खाली और शर्मनाक रैलियों में जाने में शर्म महसूस करने लगे हैं। पार्टी के अंदर से ही विरोध और नाराज़गी की आवाज़ें उठने लगी हैं।
गरीबों और नर्सिंग स्टूडेंट्स की मजबूरी का फ़ायदा उठाया गया
जब पब्लिक ने सबके सामने मुँह मोड़ लिया, तो गंभीर आरोप लग रहे हैं कि भीड़ दिखाने के लिए सिस्टम और नेताओं ने नया खेल खेला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैली में संख्या दिखाने के लिए गरीब परिवारों को घर देने या सरकारी स्कीमों का फ़ायदा देने का लालच दिया गया। इतना ही नहीं, इस बात की चर्चा भी ज़ोर पकड़ चुकी है कि भोले-भाले और मजबूर नर्सिंग स्टूडेंट्स को भी इस पॉलिटिकल खेल में घसीटा गया।
सवाल उठता है कि इन मासूम नर्सिंग स्टूडेंट्स को रैली में आने के लिए मजबूर करने के लिए किस तरह के वादे या लॉलीपॉप दिए गए? अगर इन नर्सिंग कॉलेजों की इंटरनल जांच की जाए, तो यह साफ़ हो जाएगा कि इनके कुछ एडमिनिस्ट्रेटर या इंस्टीट्यूशन सीधे या इनडायरेक्टली BJP से जुड़े ताकतवर लोगों से जुड़े हुए हैं, जो अपने पॉलिटिकल आकाओं को खुश करने के लिए स्टूडेंट्स के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। BJP कैंप में डर का माहौल
आज BJP की रैलियों और मीटिंग्स में दिख रही खाली कुर्सियां और फ्लॉप शो इस बात का सबूत हैं कि पार्टी की अंदरूनी कलह और नाकामी की वजह से नेता कमजोर हो गए हैं। लोगों की आवाज दबाने और झूठ फैलाने की इस पॉलिटिक्स ने अब BJP के सपोर्टर्स और ‘भक्तों’ में भी डर और कन्फ्यूजन का बहुत बड़ा माहौल बना दिया है। लोगों के गुस्से के आगे अब कोई भी हथकंडा काम नहीं करेगा, और यह पक्का है कि आने वाले समय में लोग बैलेट बॉक्स के जरिए इस तानाशाही का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

