दिल्ली के सरकारी स्कूलों में किताबों की खरीद को लेकर AAP और BJP आमने-सामने हैं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दस्तावेज पेश कर घोटाले के दावों को खारिज किया और कहा कि मौजूदा सरकार ने कम कीमत में किताबें खरीदी हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि NCERT की ₹65 की किताब के मुकाबले दिल्ली सरकार ने 8वीं की ‘मल्हार’ किताब ₹28.61 में खरीदी है।
नई दिल्ली: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में किताबों की खरीद को लेकर AAP और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को किताबों की कीमत, आकार और टेंडर से जुड़े दस्तावेज पेश कर खरीद प्रक्रिया में घोटाले के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने किताबें पहले के मुकाबले कम कीमत पर खरीदी हैं। सूद ने कहा कि AAP नेताओं ने NCERT की 65 रुपये की किताब का हवाला देकर सवाल उठाए, जबकि दिल्ली सरकार ने कक्षा 8वीं की हिंदी की किताब ‘मल्हार’ 28.61 रुपये में खरीदी।
पिछली AAP सरकार से की तुलना
उनके मुताबिक, पिछली AAP सरकार के कार्यकाल में 2022 में समान आकार की गृह विज्ञान की किताब की छपाई पर 55 रुपये खर्च हुए थे। मंत्री के अनुसार, 8वीं क्लास की किताबों की अधिकतम कीमत पहले 110 रुपये थी, जो अब 50.38 रुपये है। 7वीं क्लास की किताबों की अधिकतम कीमत 103 रुपये से घटकर 75.88 रुपये और 6वीं क्लास की किताबों की कीमत 133 रुपये से घटकर 57.76 रुपये तक आई है। सूद ने कहा कि कीमतों में यह कमी ऐसे समय हुई है, जब इन वर्षों में लागत बढ़ी है। किताबों के आकार पर उठे सवालों के जवाब में सूद ने बताया कि टेंडर में इनका आकार 17.1 गुण, 24.1 सेंटीमीटर तय किया गया था।
क्वालिटी जांच के बाद ही खरीद की जा रही
उन्होंने किताबों की प्रतियां और स्केल दिखाकर खुद माप लेने की अपील की। साथ ही कहा कि किताबों की क्वालिटी की जांच के बाद ही खरीद की जा रही है। उन्होंने 17 अगस्त और 6 सितंबर 2023 को तत्कालीन शिक्षा सचिव की ओर से लिखे गए पत्र भी सामने रखे। उनके मुताबिक, इनमें पिछली सरकार के दौरान सप्लाई की गई किताबों की छपाई और क्वालिटी में कमियों का जिक्र था। सूद ने कहा कि खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जांच चल रही है। समीक्षा पूरी होने के बाद जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने और जनता को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी घोटाले के सबूतों को जनता के सामने रखेगी
उन्होंने कहा कि BJP कथित भ्रष्टाचार के मामलों को दस्तावेजों और सबूतों के साथ जनता के सामने रखेगी। इनमें 5,400 करोड़ रुपये का कथित क्लासरूम घोटाला, 500 करोड़ रुपये से अधिक का कथित CCTV घोटाला, 500 करोड़ रुपये से अधिक का कथित EWS दाखिला घोटाला और 1,000 करोड़ रुपये की कथित कोविड धोखाधड़ी शामिल है। उन्होंने कथित ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ मामले का भी जिक्र किया और अंत में फिल्मी गीत के जरिए AAP पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।

