हज़ारों नागरिक सड़ते झील के पानी, मक्खियों-मच्छरों की असहनीय परेशानी और बदबू के बीच खरीदारी करने को मजबूर: ‘कुंभकर्ण की नींद’ में डूबा नगर पालिका सिस्टम कब जागेगा?
डभोई : ऐतिहासिक शहर डभोई के बीचों-बीच बसा और हज़ारों लोगों की आवाजाही से गुलज़ार ‘सहयोग सब्ज़ी मार्केट’ और उसके पीछे ऐतिहासिक झील आज नगर पालिका की बड़ी लापरवाही और लापरवाही का उदाहरण बन गया है। कभी शहर की खूबसूरती मानी जाने वाली यह झील आज गंदगी, बदबू और गंदगी का अड्डा बन गई है। पूरा लेक एरिया और मार्केट कचरे के ढेर से भरा होने की वजह से, पूरा एरिया बदबू से भरा हुआ है, जिससे लोकल शहर के लोगों और व्यापारियों का जीना मुश्किल हो गया है।
महिलाएं और शहर के लोग असहनीय बदबू से गुजरने को मजबूर
डभोई शहर और आस-पास के ग्रामीण इलाकों से हर दिन हजारों महिलाएं और नागरिक सब्जियां और घर का सामान खरीदने के लिए इस कोऑपरेटिव सब्जी मार्केट में आते हैं। लेकिन, लेक और मार्केट के आसपास फैली गंदगी की वजह से लोगों को मुंह पर रूमाल रखकर असहनीय बदबू से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है। लोकल हालात इतने खराब और गंभीर हो गए हैं कि लोगों में प्रशासन के खिलाफ बहुत गुस्सा है जो आंखें मूंदे हुए है।
सड़ी हुई सब्जियों और प्लास्टिक कचरे ने झील को ‘जहर’ बना दिया है
मार्केट एरिया से हर दिन निकलने वाले बेकार प्लास्टिक बैग, खाली प्लास्टिक की बोतलें और सड़ी हुई सब्जियों का कचरा सीधे इस ऐतिहासिक झील में फेंका जा रहा है। झील में कचरा सड़ने की वजह से पानी पूरी तरह काला हो गया है और उससे तेज बदबू फैल रही है। इस ज़हरीले और गंदे पानी की वजह से इलाके में मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। अगर समय रहते इस गंदगी को नहीं हटाया गया, तो पूरे डभोई शहर में भयानक महामारी फैलने की पूरी संभावना है।
सफ़ाई अभियान सिर्फ़ बैनर और कागज़ों पर?
एक तरफ़ डभोई नगर पालिका और प्रशासन ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत करोड़ों रुपये अंधाधुंध खर्च दिखाकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ शहर के बीचों-बीच यह बुरी हालत प्रशासन के सभी खोखले दावों की पोल खोल रही है। स्थानीय नागरिकों में इस बात की काफ़ी चर्चा है कि:
“नगर पालिका का सफ़ाई अभियान फ़ोटो सेशन, पब्लिक बैनर और कागज़ों पर लिखे आंकड़ों तक ही सीमित रह गया है। ज़मीनी हकीकत यह है कि जनता को गंदगी और महामारी के मुँह में धकेला जा रहा है।”
व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा: प्रशासन कब जागेगा? झील की खराब हालत और व्यापार पर पड़ रहे बुरे असर को लेकर लोकल व्यापारियों और आस-पास के लोगों में बहुत गुस्सा है। लोगों का सीधा आरोप है कि बार-बार कहने के बाद भी, निर्भर हो चुका नगर निगम प्रशासन कान में उंगली डाले बैठा है। अब डभोई के लोग बस एक ही सवाल पूछ रहे हैं: “क्या नगर निगम प्रशासन किसी बड़ी महामारी के फैलने और लोगों की जान खतरे में डालने का इंतज़ार कर रहा है? कुंभकर्ण की नींद सो रहा यह प्रशासन कब जागेगा और इस ऐतिहासिक झील और बाज़ार को गंदगी से साफ़ करके लोगों को राहत देगा?”

