दिल्ली में SIR के तहत नोटिस पाने वाले वोटर्स के वेरिफिकेशन में तेजी के लिए 14,947 BLOs को रोज 10 मामलों का टारगेट दिया गया है। करीब 33 लाख नोटिस में 13.62 लाख से ज्यादा मामलों का सत्यापन हो चुका है। अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को जारी होगी।
जल्द निपटेंगे नोटिस वाले केस
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया अब तेज कर दी गई है। नोटिस पाने वाले मतदाताओं के वेरिफिकेशन में तेजी लाने के लिए 14,947 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को हर दिन कम से कम 10 मतदाताओं का वेरिफिकेशन करने का टारगेट दिया गया है। यानी रोज करीब 1.5 लाख मामलों की जांच का लक्ष्य रखा गया है।
इसका मतलब है कि अब BLO सिर्फ दफ्तर में दस्तावेजों का इंतजार नहीं करेंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज और जरूरी जानकारी जुटाएंगे। करीब 33 लाख मतदाताओं को SIR के तहत नोटिस दिए गए हैं और इनमें 13.62 लाख से ज्यादा मामलों का वेरिफिकेशन हो चुका है। अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को जारी होनी है।
25 नवंबर तक वेरिफिकेशन का टारगेट
दिल्ली CEO कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत में वेरिफिकेशन की रफ्तार धीमी थी। इसलिए BLOs के साथ AEROs को भी लक्ष्य दिए गए हैं। अफसरों ने 25 नवंबर तक वेरिफिकेशन पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जबकि सभी नोटिस, दावे और आपत्तियों का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है।
नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं
नोटिस उन मतदाताओं को भेजे गए हैं जिनके रिकॉर्ड में ‘नो मैपिंग’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ जैसी गड़बड़ियां मिलीं। CEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब अपने आप वोटर लिस्ट से नाम हटना नहीं है। मतदाता दस्तावेज देकर अपनी पात्रता साबित कर सकते हैं।
30 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति
दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर है। आवेदन AERO या BLO के पास ऑफलाइन दिए जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन ECI के वोटर सर्विस पोर्टल और ECINET ऐप से भी किया जा सकता है। 3 अगस्त से अब तक 2,78,383 फॉर्म मिले हैं, जिनमें 1,98,731 नाम जोड़ने से जुड़े हैं।
नए वोटरों के लिए भी कैंप
पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल कराने के लिए खास अभियान चल रहा है। 9 और 11 अक्टूबर को मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी युवा मतदाताओं के लिए कैंप चलाए जा रहे हैं, जहां BLO फॉर्म भरने और SIR से जुड़े सवालों में मदद करेंगे।
SIR पर पहले भी उठे सवाल
SIR प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सवाल उठ चुके हैं। सितंबर में कोर्ट ने दिल्ली में जारी कुछ नोटिस को ‘मैकेनिकल’ बताया था और ECI से जवाब मांगा था।

