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मैहर में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल, टूटे पैर में प्लास्टर की जगह बांध दिया कागज का गत्ता, फिर किया सतना रेफर

मैहर जिले के एक सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई है। सड़क हादसे में घायल युवक का पैर फ्रैक्चर कर गया था। अस्पताल में टूटे पर प्लास्टर की कागज का गत्ता बांध दिया है। घटना की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं।

हाइलाइट्स

मैहर के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की खुली पोल
पैर में फ्रैक्चर के बाद डॉक्टर ने बांध दिया कागज का गत्ता
सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद उठे सवाल
जुगाड़ू इलाज को लेकर चर्चा में यह सिविल अस्पताल

मैहर: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे की संवेदनहीनता और बदहाल व्यवस्था का एक शर्मनाक मामला मैहर जिले के अमरपाटन से सामने आया है। जहां सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक बाइक सवार के फ्रैक्चर पैर पर अस्पताल के स्टाफ ने जरूरी मेडिकल स्प्लिंट या प्राथमिक प्लास्टर चढ़ाने के बजाय कागज का साधारण गत्ता रखकर पट्टी लपेट दी।

जिला अस्पताल किया रेफर

इस जुगाड़ू प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए घायल को आनन-फानन में जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया। मरीज के पैर में गत्ता बंधे होने की तस्वीरें सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

नादन टोला ब्रिज पर अज्ञात वाहन ने मारी थी टक्कर

जानकारी के मुताबिक, यह घटना बुधवार देर रात अमरपाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-30 पर नादन टोला ब्रिज के समीप घटित हुई। ग्राम नादन टोला निवासी 54 वर्षीय पुष्पराज सिंह देर रात किसी घरेलू काम से बाइक पर सवार होकर स्थानीय बाजार की ओर जा रहे थे।

इसी दौरान हाईवे पर पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पुष्पराज सिंह सड़क पर गिरकर बुरी तरह लहूलुहान हो गए और उनके एक पैर की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर आ गया।

डायल 112 ने पहुंचाया अस्पताल, डॉक्टरों ने कार्टन से फाड़ा गत्ता

हादसे के बाद मौके पर जुटे राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल पुष्पराज सिंह को एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल अमरपाटन के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया।

अस्पताल में मौजूद ड्यूटी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से यह उम्मीद थी कि वे हड्डी के फ्रैक्चर को सुरक्षित करने के लिए मेडिकल मानकों के अनुरूप प्लास्टर या स्प्लिंट का उपयोग करेंगे। लेकिन चिकित्सीय संवेदनशीलता को ताक पर रखते हुए अस्पताल कर्मियों ने दवाइयों के खाली कार्टन से गत्ता फाड़ा, उसे घायल के टूटे पैर के नीचे लगाया और ऊपर से सामान्य पट्टी लपेट दी। इसके तुरंत बाद औपचारिकता पूरी कर मरीज को सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

जिला अस्पताल में चल रहा इलाज

घायल पुष्पराज सिंह का फिलहाल जिला अस्पताल सतना में उपचार जारी है, जहां डॉक्टरों द्वारा उनके फ्रैक्चर का विधिवत उपचार किया जा रहा है।सरकारी अस्पताल में जुगाड़ वाले इलाज का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।

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